फुटपाथ पर अतिक्रमण कर तनती दुकानों के मुद्दे पर साधी चुप्पी ..?
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M.s P.k इन्दौर संपादक
समर्थ सहारा Exclusive
शहर में अवैध अतिक्रमण यूं ही नहीं बढ़ रहा इसके लिए हमारे अपने शहर के इन्दौर नगर निगम के अफसर भी जिम्मेदार हैं... उन्हीं में से ये दो अफसरो के नाम निकलकर सामने आए हैं, जिनमें से एक है महाशय अनूप गोयल जोकि हमारे अपने महानगर और स्मार्ट सिटी की ओर तेजी से बढ़ते इन्दौर के सिटी इंजीनियर है,और दूसरी एक महिला अधिकारी है... जो कि शहर के 19 झोनों में से एक झोन क्रमांक 16 पर पदस्थ है नाम है... सुश्री गजल खन्ना ये दोनों ही अपने कर्तव्य और कार्य को लेकर कितने सजग हैं इसका अंदाजा आप एक छोटे से मामले से ही लगा सकते हैं...! कि किस तरह ये दोनों अधिकारी फुटपाथ पर होते एक मामले पर चुप्पी साधे बैठे हैं, आपको बता दें कि गजल और गोयल इन दोनों ही नगर निगम के भवन शाखा के जिम्मेदारों के पास शहर में नक्शो के विपरीत व अवैध निर्माण संबंधित मामलों में कार्रवाई करने की पात्रता है,लेकिन इन दोनों ही जिम्मेदारों ने जानकारी के बावजूद अब तक मामले पर ध्यान ही नहीं दिया... नतीजा लगातार फुटपाथ पर निर्माण कार्य का दायरा बढ़ रहा है ,फिलहाल ये दोनों निगम अफसर मामले पर ऐसे अनभिज्ञ बन रहे हो जैसे वास्तव में ही इन्हें मामले की जानकारी ना हो ऐसे में कैसे यह अपनी जिम्मेदारी पर कितने जिम्मेदार तरीके से कार्य कर रहे हैं आप इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं, बात अगर झोन क्रमांक 16 के विजय श्रीनगर में फुटपाथ पर हो रहे निर्माण की करें तो गोयल से ज्यादा जिम्मेदारी गजल की बनती है क्योंकि गोयल तो फिर भी शहर का काम देख रहे हैं लेकिन गजल सिर्फ एक झोनल कार्यालय तक ही सीमित है, जाहिर है कि उनके पास गजल से ज्यादा जिम्मेदारियां है लेकिन वह भी निर्देश तो दे ही सकते हैं, लेकिन दोनों ही एक दूसरें पर मामले को ढोलते हुए दिख रहे हैं... ऐसा नहीं है कि इस मामले में सिर्फ मौखिक रूप से ही इन दोनों ही अफसरों को अवगत कराया गया है, फुटपाथ पर दुकानों के निर्माण पर जानकारी, शिकायत व अन्य तरह से अवगत कराने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं होने से आप इन जिम्मेदारो की कार्यशैली अंदाजा लगा सकते हैं...!
¶ गजल भी गजब है और गोयल भी
झोन 16 की भवन अधिकारी ग़ज़ल खन्ना और सिटी इंजीनियर अनूप गोयल भी इन दोनों को ही गजब इसलिए कहना पड़ रहा है कि आज से 4 दिन पहले ही कुछ मीडियाकर्मियों ने मामले के संदर्भ में शहर के सिटी इंजीनियर अनूप गोयल को उनके दूरभाष नंबर 7440443342 पर फोन कर मामले से अवगत कराया था जिसके बाद गोयल ने गजल खन्ना को मामले के संदर्भ में अवगत कराने और कार्रवाई करने की बात कही थी... लेकिन जैसे ही सोमवार को फिर एक मीडियाकर्मी ने गजल खन्ना को मामले से अवगत कराया तो ग़ज़ल खन्ना ने ऐसा जवाब दिया मानों जैसे उन्हें वास्तव में ही मामले के संदर्भ में जानकारी नहीं है, अब या तो फिर गजल या फिर गोयल दोनों ही मामले को गोलमाल कर रहे हैं...!
¶ इधर शहर के मेयर भी मस्त
आपको बता दें कि जबसे पुष्यमित्र भार्गव महापौर बने तबसे लेकर अब- तक उनके कार्यकाल में तो शायद ही किसी मामले पर उनको अवगत कराने पर कार्रवाई हुई है.... ऐसा हम यूं ही नहीं कह रहे हैं हमने खुद ग्राउंड जीरो पर शहर के मेयर से बात करना चाही लेकिन वे फोन पर ही नहीं आते इस सवाल के बाद हमने भी ग्राउंड जीरो पर मेयर से उनके मोबाइल नंबर 9826848077 पर संपर्क किया मेयर तो फोन नहीं उठा पाए क्योंकि वह खंडवा में थे लेकिन उनका कार्यभार संभाल रहे व्यक्ति ने जरूर यह कहा कि अभी बात नहीं हो सकती उसके बाद कई बार फोन करने पर भी फोन नहीं उठाया अब सवाल यह उठता है कि जब मीडियाकर्मियों के मामले पर ही मेयर फोन नहीं उठा रहे है तो आम आदमियों की समस्या पर कैसे फोन उठाकर कार्रवाई करते होंगे...? फिलहाल तो यह भी एक सवाल बना हुआ है जो हर आदमी के जहन में घूम रहा है...मेयर साहब के पास फोन उठाने का समय नहीं होगा लेकिन योगा आयोजन सहित तमाम कार्यक्रमों में जाने का समय जरूर रहता है...!
¶एरोड्रम क्षेत्र के विजय श्रीनगर में फिर फुटपाथ पर बढ़ रहा निर्माण का दायरा
सोमवार देर शाम समर्थ सहारा की टीम ने ग्राउंड जीरो पर मामले की जानकारी के लिए पड़ताल की तो पाया कि प्रवासी भारतीय से पहले से रुका एरोड्रम क्षेत्र के मेन रोड और मुख्य इलाके विजय श्रीनगर पर रुका निर्माण कार्य पुनः तेजी से शुरू हो गया और अब तक इसपर झोनल अधिकारी विवेक अग्रवाल, भवन अधिकारी गजल खन्ना यहां तक कि अन्य जिम्मेदार भी अनभिज्ञ बने हुए हैं...!? सवाल वही आखिर क्यों...?
¶ निगमायुक्त भी नहीं उठा रही फोन
लगता है, हमारे शहर की निगमायुक्त प्रतिभा पाल को भी उन अफसरों की हवा लग चुकी है जो फोन तक उठाना उचित नहीं समझते और अगर उठा भी लेते हैं तो जानकारी देने के पश्चात दोबारा फोन नहीं उठाते तभी तो शनिवार को समर्थ सहारा टीम द्वारा मामले के संदर्भ में अवगत कराने के लिए पाल को भी फोन उनके दूरभाष नंबर 9425010828 पर किया गया लेकिन उनका जवाब भी शहर के उन अफसरों और नेताओं की तरह रहा जो अक्सर फोन नहीं उठाते और उठाते हैं तो दोबारा जवाब नहीं देते अब सवाल वही आखिर हमारे शहर के जिम्मेदार अफसरों और नेताओं को आखिर हो क्या गया है...जो वे फोन तक उठाना उचित नहीं समझ रहे यह पहली बार नहीं है जब किसी मामले में निगम अफसर और हमारे शहर के जिम्मेदार नेता होने का दावा करने वाले नेता फोन नहीं उठा रहे हैं इससे पहले भी कई बार कई समाचार पत्र भी मामले को उठा चुके हैं बावजूद इसके नेता और अफसर अपनी कार्यशैली बदलने की बजाय वही पुराना अपना राग बदलते नजर नहीं आ रहे है...! सवाल एक बार फिर वही आखिर हमारे शहर के अफसर और नेता ऐसा क्या कर रहा है जो ना तो फोन उठा रहे और ना ही रिप्लाई कर जानकारी दे रहे हैं या जानकारी लेने की जहमत तक नही उठा रहे हैं...?!