'भारत, छात्र, भ्रष्टाचार', नेपाल में जिन 3 मुद्दों पर सत्ता में आए PM बालेन शाह अब उन पर ही घिरे, बड़ी चुनौती
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22-04-2026 02:51 PM
काठमांडू: नेपाल की बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ जनता के कई वर्गों में नाराजगी बढ़ रही है। चुनाव में भारी जीत के बाद सत्ता संभालने वाले बालेन शाह ने प्रधानमंत्री के तौर पर एक महीना भी पूरा नहीं किया है। इस दौरान लिए गए उनके कुछ फैसले जनता को बिल्कुल पसंद नहीं आए हैं और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन मुद्दों में खासतौर से छात्र संघ पर रोक, भारत से आयात पर सख्त कस्टम्स क्लीयरेंस और गृह मंत्री से जुड़ा भ्रष्टाचार का मुद्दा शामिल है।काठमांडू के मेयर से पीएम बने बालेन शाह के राजनीतिक उभार में जिन मुद्दों का सबसे अहम योगदान रहा है। सरकार बनने के पहले महीने में उनको उन्हीं मुद्दों पर जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा रहा है। बालेन शाह 2025 के छात्र आंदोलन से राष्ट्रीय नेता बने और भ्रष्ट्राचार को उन्होंने अपने चुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाया था। इन दोनों मुद्दों पर उनके खिलाफ लोग सड़क पर हैं। भारत में बालेन शाह ने पढ़ाई की है और पड़ोसी देश से अच्छे संबंधों की वकालत की है। अब वह भारत के सामानों के आयात पर घिरे हुए हैं।भारत से सामान लाने पर टैक्स
बालेन शाह सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का एक मुख्य कारण वह फैसला है, जिसके तहत भारत से लाए गए 100 रुपए से अधिक कीमत के सामान पर अनिवार्य सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) लगा दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों के निवासियों का कहना है कि इस कदम का सीधा असर उनके रोज़मर्रा के जीवन पर पड़ रहा है।बॉर्डर इलाके के लोग जरूरी चीजों के लिए सीमा पार से होने वाली खरीदारी पर बहुतदा निर्भर रहते हैं। ऐसे में वह इस फैसले के खिलाफ सड़क पर उतर गए हैं। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यह नीति आम नागरिकों पर गैरजरूरी आर्थिक बोझ डालती है। विपक्षी दलों ने इस फैसले को वापस ना लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।छात्र संघ विवाद से युवाओं में गुस्सा
बालेन शाह में बीते कुछ समय में छात्रों ने अपना नेता देखा है लेकिन उन्होंने सत्ता संभालते ही छात्र संघ पर रोक लगा दी है। सरकार का राजनीतिक समूहों से जुड़े छात्र संघों को खारिज करना युवाओं को नाराज कर रहा है। छात्र नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह बातचीत करने के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है।छात्र संघ के मामले में नेपाल के कई शहरों में हजारों युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। इनमें से कई प्रदर्शनों का नेतृत्व स्कूली और कॉलेज के छात्रों के समूह कर रहे हैं। छात्र इसका नेतृत्व कर रहे हैं लेकिन यह आंदोलन कॉलेज कैंपस तक सीमित नहीं है। इसमें कई राजनीतिक दल और समाज का एक बड़ा हिस्सा शामिल होता हुआ नजर आ रहा है।गृह मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप
भ्रष्टाचार खत्म करने का नारा देकर आए बालेन शाह इस मुद्दे पर भी घिरे हुए हैं। उनके गृह मंत्री सुदन गुरुंग पर आय से अधिक संपत्ति रखने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। सामने आए कुछ कथित दस्तावेजों से पता चलता है कि सुदान ने विवादित संस्थाओं में निवेश किया है और उनके शेयर खरीदे हैं। खुलासों के बाद उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
बालेन शाह सरकार पर तेज होते विरोध प्रदर्शनों के साथ दबाव बढ़ता जा रहा है। बालेन शाह ने बीते महीने काफी जोश-खरोश के साथ सत्ता संभाली है लेकिन अब वह कई मोर्चों पर संकट का सामना कर रहे हैं। उन पर आरापों के जवाब देने का दबाव है। साथ ही जल्दी से जल्दी संकट से निकलने की भी चुनौती है।