'US की 3 शर्तों को भारत ने नकारा', चीनी ग्लोबल टाइम्स ने मार्को रुबियो के दौरे से पहले की तारीफ

Updated on 19-10-2026 11:39 AM
बीजिंग: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुंबई और जामनगर दौरे से ठीक पहले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत को 'सलाह' देने वाला एक संपादकीय लिखा है। इसमें कहा गया है 'वाशिंगटन भारत के साथ एक पुराना खेल खेल रहा है'।

ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है 'अमेरिका-भारत संबंधों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि कैसे एक बड़ी ताकत अपने प्रभाव का इस्तेमाल करती है। वाशिंगटन एक पुराना खेल खेल रहा है- पहले रणनीतिक वादों के जाल में फंसाकर आपको बंधक बनाना और फिर आर्थिक दबाव डालकर आपको दबाना।'

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चीनी मीडिया का तंज

इसने लिखा है कि मार्को रुबियो इस साल दूसरी बार भारत का दौरा कर रहे हैं। वाशिंगटन 'रणनीतिक साझेदारी' पर बात करना चाहता है जबकि नई दिल्ली टैरिफ के मुद्दे पर चर्चाकरना चाहती है। दोनों पक्षों के एजेंडे पूरी तरह से अलग-अलग हैं। इसने लिखा है कि नौ महीने बीत चुके हैं और फरवरी में हुआ अमेरिका-भारत व्यापार ढांचा समझौता (ट्रेड फ्रेमवर्क एग्रीमेंट) अभी तक हस्ताक्षरित नहीं हुआ है।

इसने लिखा है कि 'इंडो-पैसिफिक रणनीति' साझा मूल्यों और 'क्वाड' का जिक्र करते हुए वाशिंगटन भारत को एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में अपना सबसे भरोसेमंद साझेदार बताता है। लेकिन जब व्यापार की असलियत की बात आती है तो उनका रुख बदल जाता है। भारतीय स्टील पर भारी शुल्क, भारतीय फार्मास्यूटिकल (दवा) उद्योग पर लगातार दबाव और भारतीय आईटी सेवाओं के लिए रुकावटें। वहीं दूसरी तरफ इसी दौरान जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ अमेरिका ज्यादा बेहतर सलूक कर रहा है।

'जरूरत के आधार पर इस्तेमाल करने की है अमेरिका की नीति'

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि वाशिंगटन अपने रणनीतिक साझेदारों को उनकी उपयोगिता के आधार पर प्राथमिकता देता है। जब उसेइंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत का साथचाहिए होता है तो वह उसे 'साझेदार' कहता है लेकिन जब उसे अपने उद्योगों को बचाना होता है तो वह बेझिझक टैरिफ का हथियार इस्तेमाल कर लेता है। जापान और दक्षिण कोरिया उसके सैन्य सहयोगी हैं। ऑस्ट्रेलिया 'फाइव आइज' का हिस्सा है जबकि वाशिंगटन की नजर में भारत बस एक ऐसा 'मोहरा' है जिसकी अहमियत को कभी भी बदला जा सकता है।

'अमेरिका की शर्तों को स्वीकार नहीं कर रहा भारत'

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि अमेरिका भारत से तीन चीजें चाहता है। 1- रूसी तेल खरीदना बंद हो, 2- भारत अपना कृषि क्षेत्र खोले और 3- अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाए। लेकिन भारत ने अमेरिका द्वारा तय की गई इन शर्तों को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है।

इसने आगे लिखा है कि भारत के लिए अमेरिका का 'रणनीतिक साझेदार'कहलाने का महत्व अब कम होता जा रहा है। इसके अलावा टैरिफ नीतियों के कानूनी विवादों में उलझे होने के कारण भारत कोई भी पक्का वादा करने से हिचकिचा रहा है कि क्या पता अगले साल फिर से नीति बदल जाए? 2026 में भारत का निर्यात काफी तेजी से बढ़ा है। अगर अमेरिकी टैरिफ वापस 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं तो यह विकास की गति पूरी तरह खत्म हो जाएगी। भारत ऐसी शर्तें मानने के बजाय जिनसे उसके दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचे किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर न करना ही बेहतर समझेगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 October 2026
पेरिस: फ्रांस रूसी एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के सामने बेबस हो गया है। दरअसल 2000 के दशक में फ्रांस ने अपनी AS-37 मार्टेल एंटी-रेडिएशन मिसाइलों को सर्विस से हटा दिया…
 19 October 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी स्टेट हवाई में एक्सिस हिरण बीते कुछ वर्षों में स्थानीय फसलों के लिए मुश्किल का सबब बन रहे हैं। हवाई के मोलोकाई द्वीप के लोगों का कहना है…
 19 October 2026
बीजिंग: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुंबई और जामनगर दौरे से ठीक पहले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत को 'सलाह' देने वाला एक संपादकीय…
 19 October 2026
तेहरान: मेहरदाद अखलाघी केताबची को ईरान का रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। 68 वर्षीय अखलाघी की नियुक्ति को रविवार को देश की संसद से मंजूरी मिली है। कुल 237…
 19 October 2026
तेल अवीव: इजरायली रिसर्चर यशायाह रोसेनमैन का कहना है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा को अपने करीब पाया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों से मिलने…
 19 October 2026
लंदन: लंदन में यूट्यूबर ध्रुव राठी ने SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (London Protest) किया है। जिसको लेकर ओवरसीज बीजेपी (यूके और यूरोप) के नेता कुलदीप शेखावत ने आरोप लगाए…
 18 October 2026
पेरिस: फ्रांस में गृहयुद्ध जैसे हालात हैं। देश के कई हिस्सों में खतरनाक स्तर पर अराजकता फैली हुई है और प्रदर्शनकारी देश को जला रहे हैं। शनिवार को फ्रांस में…
 18 October 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने ईरान के साथ अपनी सीमा सील कर दी है और जमीनी व्यापार रोक दिया है। इसके पीछे क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी अभियानों का हवाला दिया गया है। पाकिस्तान…
 18 October 2026
अबू धाबी: यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की फिर से एंट्री होने जा रही है। यमन के सूत्रों का कहना है…
Advt.