Cockroach Janta Party का जिक्र कर UN में भारत का पलटवार, कहा- 'अफवाहों को रिपोर्ट बनाकर पेश किया'
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17-10-2026 11:21 AM
न्ययॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति के 81वें सत्र के दौरान भारत ने यूएन की विशेष प्रतिवेदक (Special Rapporteur) जीना रोमेरो (Gina Romero) के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। यूएन में भारतीय प्रथम सचिव और राजनयिक अनुज स्वरूप (Anuj Swarup) ने रोमेरो की रिपोर्ट पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे अनाम और बिना पुष्टि वाले इनपुट्स पर आधारित 'अफवाह' करार दिया है। भारत ने कहा है कि अफवाहों के आधार पर रिपोर्ट बनाकर यूएन में पेश कर दिया गया है।दरअसल यूएन स्पेशल प्रतिवेदक जीना रोमेरो ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत में युवा मानवाधिकारों, मानसिक स्वास्थ्य और जेंडर जस्टिस पर बात करने पर प्रताड़ना का सामना करते हैं। भारत ने संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक जीना रोमेरो के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि देश में युवा मानसिक स्वास्थ्य या लैंगिक न्याय पर चर्चा करने के कारण बदले की कार्रवाई या कलंक का सामना करते हैं।संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक अनुज स्वरूप ने कड़े शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि ये आरोप गुमनाम और असत्यापित जानकारियों पर आधारित हैं। प्रथम सचिव अनुज स्वरूप ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को ये स्वतंत्रताएं प्रदान करता है।'अनुच्छेद 19 के तहत हर नागरिक को ये स्वतंत्रताएं'
स्वरूप ने कहा 'भारत ने शांतिपूर्ण सभा और संगठन की स्वतंत्रतापर विशेष प्रतिवेदक (स्पेशल रैपोर्टियर) की रिपोर्ट पर ध्यान दिया है। भारत में हमारे संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत हर नागरिक को ये स्वतंत्रताएं, साथ ही बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई हैं। इनकी सुरक्षा एक स्वतंत्र न्यायपालिका, एक स्वतंत्र प्रेस और एक सशक्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा की जाती है।' यूएन में यह रिपोर्ट ऐसे समय में सौंपी गई है जब भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ युवाओं का बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। इसको लेकर भारतीय राजनयिक अनुज स्वरूप ने इंटरैक्टिव संवाद के दौरान रोमेरो की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा 'गुमनाम और असत्यापित दावों के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी पर इस तरह का व्यापक आरोप लगाना कोई सबूत नहीं है। यह सिर्फ एक अफवाह है जिसे यूएन रिपोर्ट का रूप देकर पेश किया गया है। हमारी प्रतिनिधिमंडल इसे पूरी तरह खारिज करता है।' उन्होंने आगे कहा कि किसी स्पेशल रैपोर्टियर का बिना किसी ठोस सबूत के 1.4 अरब लोगों के देश के लिए ऐसे बयान देना संयुक्त राष्ट्र और उसकी संस्थाओं की साख को गिराता है। भारत ने सलाह दी कि रिपोर्ट तैयार करने वालों को 'आलोचना करने से पहले तथ्यों की पुष्टि' करनी चाहिए।'कॉकरोच जनता पार्टी' का जिक्र कर दिया करारा जवाब
जीना रोमेरो के उस दावे को खारिज करते हुए कि भारत में युवाओं के लिए राजनीतिक जगह कम हो रही है अनुज स्वरूप ने जुलाई में हुए छात्र प्रदर्शनों और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल किया 'कौन सा दमनकारी देश ऐसा होता है जहां युवा एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन शुरू करते हैं, राजधानी तक मार्च निकालते हैं और फिर देश के वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री उनके साथ मेज पर बैठकर बात करते हैं?' उन्होंने यूएन मानवाधिकार आयुक्त वोल्कर तुर्क के पिछले महीने दिए गए उस बयान की याद भी दिलाई जिसमें उन्होंने कहा था कि युवाओं के साथ बातचीत सबसे प्रभावी रास्ता है। सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों पर सरकार की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए स्वरूप ने कहा कि सरकार ने युवाओं के साथ सकारात्मक बातचीत की है और परीक्षा में होने वाली धांधली को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
भारतीय डिप्लोमेट ने आगे कहा 'अध्यक्ष महोदय यदि कोई व्यक्ति, जिसे एक विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह 1.4 अरब लोगों के बारे में कोई सामान्य राय बनाने के लिए सिर्फ गुमनाम सूचनाओं पर निर्भर रहता है तो यह उस जिम्मेदारी के साथ ही अन्याय है। हम इस विशेष प्रतिवेदक से आग्रह करते हैं कि किसी की आलोचना करने से पहले वे तथ्यों की जांच कर लें और अपनी रिपोर्ट में पूरी गंभीरता तथा निष्पक्षता लाएं।'