
भोपाल। गांधी नगर थाना पुलिस ने एक अक्टूबर को लाऊखेड़ी के एक टपरे में युवक का फांसी पर लटका कंकाल बरामद किया था। शव की शिनाख्त करने के बाद हुई जांच के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके मथुरा निवासी मित्र के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का दर्ज किया है।
गांधी नगर थाना पुलिस के मुताबिक मूलत: ग्वालियर निवासी 25 वर्षीय विनोद पुत्र केशर चौहान लाऊखेड़ी में पत्नी पिंकी और दो बच्चों के साथ रहता था। निजी काम करने वाले विनोद की शादी 2017 में कोलार क्षेत्र में रहने वाली पिंकी के साथ हुई थी। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। घर के पास ही उसने स्वयं का एक टपरा भी बना लिया था। इस बीच इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पिंकी का परिचय मथुरा निवासी धर्मेंद्र कुशवाहा नाम के युवक से हो गया था। दोनों के बीच फोन पर लंबी बातचीत होने लगी थी। इस बात का पता चलने पर विनोद ने पिंकी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह मानती नहीं थी। विनोद ने जब धर्मेंद्र से फोन पर बात कर उसे उसकी पत्नी से बात करने से मना किया, तो उसने अपशब्द कहना शुरू कर दिए थे। इससे विनोद तनाव में रहने लगा था।
पत्नी को मायके जाने से मना किया था
17 सितंबर को पिंकी ने विनोद से तीज का त्योहार मनाने के लिए कोलार स्थित अपने मायके जाने के लिए बोला, तो विनोद ने मना कर दिया था। उसके बाद विनोद अपने काम पर चला गया था। काम से जब वह लौटा तो उसने घर पर ताला लगा देखा था। पिंकी बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। इस बात से परेशान होकर संभवत: विनोद ने उसी दिन उसने टपरे में जाकर फांसी लगा ली थी। उधर त्योहार मनाने के बाद पिंकी जब लाऊखेड़ी पहुंची, तो उसने घर पर ताला लगा देखा। पति के ग्वालियर जाने की बात समझकर वह वापस मायके चली गई। दोबारा लाऊखेड़ी जाने पर भी जब पिंकी ने घर में ताला देखा तो ग्वालियर फोन कर उसने पति के बारे में पूछा तो पता चला कि वह ग्वालियर भी नहीं पहुंचा है। उधर विनोद की मां भी बेटे की तलाश में भोपाल आई। मामला थाने तक पहुंचा। तलाश करने के दौरान विनोद के टपरे में फंदे पर लटका एक शव बरामद हुआ। उसकी पहचान विनोद के रूप में हुई थी। उधर पत्नी और धर्मेंद्र से परेशान होकर पूर्व में विनोद ने गांधी नगर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी। पूर्व में दर्ज कराई गई शिकायत और पिंकी के फोन की काल डिटेल के आधार पर पुलिस ने बुधवार को पिंकी और धर्मेंद्र कुशवाहा के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है। खास बात यह है कि धर्मेंद्र अभी तक भोपाल आकर एक बार भी पिंकी से नहीं मिला था।