F-35 फाइटर जेट, मिसाइल... ईरान के खिलाफ इजरायल ने यूं ही नहीं किया सबसे बड़ा हमला, 20 साल में बनाया सीक्रेट प्लान

Updated on 26-10-2024 01:28 PM
यरुशलम: ईरान की राजधानी तेहरान 25-26 अक्तूबर की दरमियानी रात इजरायल के हवाई हमलों से थर्रा उठी। तेहरान में रहने वाले लोगों ने जोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं, जिसके बाद लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। इजरायल ने ईरान पर हमले को शुक्रवार रात और शनिवार की सुबह कई चरणों में अंजाम दिया। इजरायल ने इस ऑपरेशन को 'डेज ऑप रिपेंटेंस' नाम दिया है। 2000 किलोमीटर की दूरी पर किए गए इस हमले के लिए इजरायल ने 100 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया। इसमें अत्याधुनिक एफ-35 स्टील्थ फाइटर भी शामिल थे। इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बावजूद इजरायल को कोई नुकसान नहीं हुआ।

20 साल से तैयारी


इजरायली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल हगारी ने बताया कि सभी विमान ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद सुरक्षित लौट आए हैं। 2000 किलोमीटर दूर ऑपरेशन को अंजाम देकर इजरायल ने एक बार फिर क्षेत्र के आसमान में अपनी बादशाहत साबित की है। लेकिन इजरायल के लिए इस ऑपरेशन को अचानक योजना बनाकर अंजाम नहीं दिया है। ईरान पर हमले की तैयारी में इजरायल ने 20 साल बिताए हैं। अरबों डॉलर का निवेश किया है, जिसमें विशेष हथियार विकसित करना शामिल है। कुछ हथियार ऐसे थे, जिन्हें अमेरिका ने इजरायल को बेचने से मना कर दिया था, तो कुछ अमेरिका के पास भी नहीं है।

अमेरिकी जेट को किया अपडेट


लगभग 2000 किमी की दूरी पर हवाई हमले अमेरिकी फाइटर जेट से किए जाते हैं। इजरायल ने अमेरिका से एफ-15 और एफ-16 के साथ ही एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदे हैं। हालांकि, इजरायल ने इन विमानों को देश में लाकर विशेष क्षमताओं से लैस किया है। यरुशलम पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल ने F-35 के लिए अलग किए जा सकने वाले ईंधन टैंक विकसित किए हैं, जिससे वे चुपके से ईरान तक पहुंच सकते हैं और हमला करने की क्षमता भी बनाए रख सकते हैं। इन टैंक के बिना उनकी रेंज काफी नहीं है।

लंबी दूरी की हमलावर मिसाइलें


2000 के दशक के अंत में इज़राइल के रक्षा उद्योगों ने लड़ाकू जेट से लॉन्च की जाने वाली दो लंबी दूरी की हमलावर मिसाइलें तैयार की थीं। इजरायल ने इन मिसाइलों के बारे में खास जानकारी नहीं दी है, लेकिन माना जाता है कि यह सैकड़ों किलोमीटर तक मार कर सकती हैं। इससे ईरानी सीमा के बाहर से उस पर निशाना बनाना संभव है। ये मिसाइलें सुपरसोनिक गति से यात्रा करती हैं, जिससे दुश्मन को सतर्क होने का बहुत कम समय मिलता है।

रैम्पेज मिसाइल


रैम्पेज मिसाइल को शुरू में जमीन से लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन बाद में विमानों से हमले के हिसाब से इसमें बदलाव किया गया। जेट से लॉन्च करने पर इसकी रेंज और गति बढ़ गई। इसमें कई नेविगेशन सिस्टम हैं, जो सटीक लक्ष्यीकरण के लिए अतिरेक प्रदान करते हैं। 570 किलोग्राम के वजन के साथ यह 150 किलोग्राम का वारहेड ले जा सकती है। इसे इजराइल के F-15, F-16 और F-35 विमानों से लॉन्च किया जा सकता है।

रॉक्स मिसाइल


2019 में राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम के द्वारा तैयार रॉक्स मिसाइल सुपरसोनिक क्रूज क्षमताओं से लैस है। यह राफेल की एंकर मिसाइल पर आधारित है, जो ईरानी शाहाब मिसाइल की नकल करती है। रॉक्स को छोटे F-16 जेट और संभावित रूप से F-35 से लॉन्च किया जा सकता है। इसकी रेंज 300 किलोमीटर है और यह 500 किलोग्राम का वारहेड ले जा सकती है। यह किलेबंद या भूमिगत संरचनाओं को निशाना बनाने में सक्षम है।

जेरिको मिसाइल


विदेशी रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायल के पास सतह से सतह पर मार करने वाली जेरिको मिसाइल प्रणाली है, जो पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के वारहेड से लैस है। इन मिसाइलों को शुरू में फ्रांसीसी डसॉल्ट कंपनी ने विकसित किया था, जिसे बाद में इजरायल ने अपग्रेड किया है। इसके अतिरिक्त, एल्बिट ने बंकर-बस्टिंग बम विकसित किए हैं, जिन्हें 500 एमपीआर नाम दिया गया है, जो चार मीटर तक कंक्रीट को भेदने में सक्षम हैं।

पॉपआई टर्बो


एक और इजरायली हथियार पॉपआई टर्बो क्रूज मिसाइल है। इस हथियार को राफेल ने 1,500 किलोमीटर की रेंज के साथ विकसित किया है। इसे इजरायली नौसेना की पनडुब्बियों से लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है। यह रेंज इजरायली पनडुब्बियों को फारस की खाड़ी में प्रवेश किए बिना लाल सागर या अरब सागर से ईरान पर हमला करने की क्षमता देती है। इन हथियारों के बारे में जानकारी विदेशी स्रोतों से मिलती है, क्योंकि इजरायल अपनी तैयारियों के बारे में बहुत कम जानकारी देता है।

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