प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव
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21-08-2026 06:04 PM
दुर्ग। विश्व प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से भिलाई के जयंती स्टेडियम में चल रही शिव महापुराण कथा में कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। उन्होंने व्यासपीठ पर पहुंचकर पंडित प्रदीप मिश्रा का आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा का श्रवण किया। उन्होंने आरती में भी सहभागिता की और भगवान शिव से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।कथा के दौरान व्यासपीठ से पंडित प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में प्रार्थना के समय मंत्रोच्चारण की पहल की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक चेतना का भी विशेष महत्व है। स्कूलों में मंत्रोच्चारण जैसी पहल बच्चों को अपनी संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनके मन में एकाग्रता, आत्मविश्वास और अच्छे विचारों का भाव विकसित करने में सहायक होगी। पंडित मिश्रा ने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव एवं छत्तीसगढ़ शासन के इस प्रयास को बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की दिशा में सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि बचपन में मिले अच्छे संस्कार जीवनभर व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र को मजबूत बनाते हैं।शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि जयंती स्टेडियम में पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से शिव महापुराण कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि पंडित से आत्मीय भेंट के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान और रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और संस्कारों के विकास का भी आधार है। स्कूलों में प्रार्थना और मंत्रोच्चारण के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक सोच, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से समृद्ध नई पीढ़ी ही विकसित और सशक्त छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी।मंत्री यादव ने इस भव्य धार्मिक आयोजन के लिए बोल बम सेवा समिति के संयोजक दया सिंह एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने विश्व के सबसे बड़े अस्थायी पंडाल का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करने पर आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।