बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा तो हो जाएगा मध्यप्रदेश का बेड़ा गर्ग ...

Updated on 11-10-2023 03:09 PM
** मुख्यमंत्री पद के एक और  दावेदार....

** प्रदेश के अरबपति मंत्रियों में हैं शामिल...
फिलहाल तो 'दिल्ली दूर' है,लेकिन मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कैडर बेस बीजेपी में फ्री फॉर आल की स्थिति बनने से अगली पारी में सीएम पद के दावेदारों की संख्या निरंतर बढ़ती  जा रही है। विधानसभा चुनाव में केन्द्र मे सक्रिय कई बड़े चेहरे उतारे जाने से मुख्यमंत्री बनने की तमन्ना पाले मध्यप्रदेश के कुछ पुराने नेता भी  पीछे रहना नहीं चाहते हैं। 
इसके चलते हाल ही में आठ बार के विधायक , अठारह साल से बीजेपी सरकार में मंत्री  और कमलनाथ सरकार में नेता प्रतिपक्ष रहे गोपाल भार्गव ने भी गुरुवाणी के संकेत की आड़ में मुख्यमंत्री पद पर  अपना दावा ठोंक दिया है। अपनी सीट से बेटे को टिकट दिलाने की जोड़ तोड़ में सफल नहीं हो पाने के बाद अब उन्होंने नया राग अलापना शुरू कर दिया है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गुरूजी का आदेश है कि मैं एक चुनाव और लड़ूॅं।अपने दावे में भार्गव यह कहने से भी नहीं चूके कि मैं तो बतौर नेता प्रतिपक्ष 108 विधायकों का नेता रह ही चुका हूं तो आगे 116 विधायकों का नेता क्यों नहीं हो सकता? मुख्यमंत्री बनने की हसरत को अप्रत्यक्ष रूप से उजागर करते हुए भार्गव ने कहा कि जब गुरूजी ने यह बात कही हैं तो हो सकता हस्तरेखा प्रबल हों और मुझे भी ताज पहनने का मौका मिल जाए.. 
हालांकि  18 साल से मंत्री रहते हुए गोपाल भार्गव ने विभिन्न विभागों का मंत्री रहते हुए कोई भी ऐसा उल्लेखनीय काम नहीं किया जो उन्हें मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल करा पाता। शिवराज सरकार के वर्तमान कार्यकाल में भी उन्हें लोक निर्माण विभाग जैसा भारी भरकम महकमा सौंपा गया लेकिन वे इसके जरिए मध्यप्रदेश यादगार निर्माण कार्य करवाने की जगह स्वार्थ सिद्धि में ही जुटे रहे। इसके चलते उन्होंने मध्यप्रदेश में  ऐसे लोक निर्माण मंत्री के रूप में जरुर पहचान बना ली जिन्होंने कभी   विभाग  की  समीक्षा बैठक  तक नहीं लेने का नया कीर्तिमान भी बनाया। लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने मौजूदा कार्यकाल में उनके भोपाल स्थित बंगले पर तैनात कांग्रेसी नेताओं के करीबी रहे चुके दो रत्नों  यानि अधिकारियों आर.के.राय और के .जी.कुकरैती के जरिए लोक निर्माण विभाग में जिस तरह की कार्यशैली अपनाई उससे  घटिया निर्माण कार्यों और भ्रष्टाचार को ही बल मिला। साथ ही गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य से मध्यप्रदेश को स्वर्णिम प्रदेश बनाने का सपना तार तार हो गया।
 यदि बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा वाली कहावत सच हो गई तो शिवराज सरकार के कथित 18 साल के विकास को 18 साल पीछे जाने से कोई नहीं रोक सकता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 July 2026
भोपाल। बीस प्रतिशत एथेनाल मिले पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों के माइलेज, क्षमता आदि में गिरावट का शोर तेज होता जा रहा है। सरकार ने भी माना कि इस ब्लेंडिंग से…
 08 July 2026
भोपाल । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर मेडिकल कॉलेज तक में दवाओं की उपलब्धता, मांग और वितरण की वास्तविक स्थिति समय पर (रियल टाइम) मिल सकेगी। आपूर्तिकर्ता कंपनी द्वारा दवाएं…
 08 July 2026
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक 18 एवं 19 जुलाई को रामराजा सरकार की पावन नगरी ओरछा में आयोजित होगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल…
 08 July 2026
 भोपाल। राजधानी भोपाल के करीब 35 इलाकों में बुधवार को चार से छह घंटे तक बिजली कटौती की जाएगी। बिजली कंपनी के अनुसार यह कटौती मरम्मत कार्यों के कारण की…
 08 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की वित्तीय निर्भरता कर्ज पर लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को राज्य सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियां जारी करके…
 08 July 2026
भोपाल। भोपाल की सड़कों पर अब पुलिस चेकिंग को देखकर गाड़ी मोड़ना या तंग गलियों और गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन दौड़ाकर भागना चालकों को भारी पड़ने वाला है।…
 08 July 2026
भोपाल। नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों- महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच दशकों से चले आ रहे लंबित भुगतान का मंगलवार को रास्ता निकल आया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता…
 08 July 2026
भोपाल। प्रदेश के लोक अभियोजन विभाग में अगर आप नौकरी कर रहे हैं तो ड्यूटी पर रहते हुए भी नियमित एलएलबी की डिग्री ले सकते हैं। ऐसा कोई नया शासन…
 08 July 2026
भोपाल। आईटी और हाइटेक उद्योगों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयास के तहत सरकार 13 जुलाई को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव आयोजित करने जा रही है। इसके केंद्र…
Advt.