समाजवादी पार्टी का एक प्रत्याशी बिजावर से (पिछले चुनाव में) जीता था, जो भाजपा में चला गया। दो सीटों पर सपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर आए थे। सपा छह सीटें मांग रही थी। हमारी चर्चा हुई और हम चार सीटें उनके लिए छोड़ सकते थे, इसकी रिपोर्ट बनाकर मैंने कमल नाथ को भेज दी थी।
कहां बिगड़ी बात, पता नहीं
दिग्विजय ने आगे कहा कि मैंने केंद्रीय नेतृत्व से भी कार्यसमिति की बैठक में पूछा कि I.N.D.I.A. अलायंस के साथ हमारा क्या संबंध होना चाहिए। उन्होंने राज्यों के चुनाव में इसे प्रदेश नेतृत्व पर छोड़ दिया है। अब I.N.D.I.A. अलायंस लोकसभा चुनाव तो साथ मिलकर लड़ेगा, लेकिन राज्य चुनाव में हमारे मुद्दे अलग हैं। दिग्विजय सिंह ने अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत ईमानदार और समझदार व्यक्ति हैं
वह पढ़े-लिखे हैं और पार्टी और परिवार को संभाल रहे हैं। मुझे नहीं पता कि चर्चा कहां गलत हुई, लेकिन कमल नाथ पूरी ईमानदारी से किसी समझौते पर पहुंचना चाहते थे। लेकिन ठीक है, गठबंधन में तो दोस्ताना मुकाबले भी हो जाते हैं।