बेलारूस में रूसी परमाणु हथियारों की तैनाती शुरू, पुतिन के दोस्त लुकाशेंको ने की पुष्टि

Updated on 26-05-2023 06:58 PM
मिन्स्क: बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने गुरुवार को कहा कि रूस ने उनके देश में परमाणु हथियारों की तैनाती को शुरू कर दिया है। इसी साल मार्च में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बेलारूस में टेक्टिकल न्यूक्लियर वेपन के तैनाती का ऐलान किया था। शीत युद्ध के बाद यह पहला मौका है, जब रूस अपने परमाणु हथियारों को किसी दूसरे देश में तैनात कर रहा है। बेलारूस में परमाणु हथियारों की आपूर्ति शुरू करने को लेकर रूस ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। बेलारूस में परमाणु हथियारों की तैनाती को यूक्रेन युद्ध से जोड़कर देखा जा रहा है।

लुकाशेंको ने परमाणु हथियारों की तैनाती की पुष्टि की

मॉस्को यात्रा पर पहुंचे लुकाशेंको ने कहा कि बेलारूस को परमाणु हथियारों का ट्रांसफर शुरू हो गया है। लुकाशेंको ने कहा कि पुतिन ने उन्हें बुधवार को सूचित किया था कि उन्होंने ट्रांसफर को लेकर एक डिक्री पर हस्ताक्षर किए हैं। लुकाशेंको लंबे समय से रूस से परमाणु हथियारों की मांग कर रहे थे। हालांकि, रूस ने दावा किया है कि बेलारूस में परमाणु हथियारों की तैनाती परमाणु अप्रसार की संधि का उल्लंघन नहीं है। दूसरे देश में तैनाती के बावजूद इन हथियारों की सुरक्षा और ऑपरेशन का जिम्मा रूस के हाथों में होगा। तब रूस ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा था कि उसने भी यूरोप के कई देशों में परमाणु हथियार तैनात किए हुए हैं।

बेलारूस में परमाणु हथियारों की तैनाती क्यों खतरनाक

बेलारूस की सीमा यूरोपीय संघ और नाटो के सदस्य देशों पोलैंड और लिथुआनिया के साथ लगती हैं। रूस ने पिछले साल यूक्रेन में आक्रमण के लिए बेलारूस को लॉन्च पैड के तौर पर इस्तेमाल किया था। ऐसे में रूस के परमाणु हथियारों की बेलारूस में तैनाती की अमेरिका समेत नाटो देश निंदा कर रहे हैं। पश्चिम समर्थक और बेलारूसी विपक्षी नेता स्वेतलाना तिखानोव्सकाया ने गुरुवार को कहा कि यह कदम न केवल बेलारूसियों के जीवन को खतरे में डालेगा बल्कि यूक्रेन और पूरे यूरोप के लिए एक नया खतरा पैदा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम बेलारूसियों को रूसी साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं के लिए बंधक बना देगा

सामरिक परमाणु हथियार क्या होते हैं


सामरिक परमाणु हथियार ऐसे हथियार होते हैं, जो विनाशकारी होते हुए भी लंबी दूरी के सटीक हमला करते हैं। इनका इस्तेमाल युद्ध के दौरान किसी विशेष परिणाम को प्राप्त करने के लिए किया जाता है। रूस के पास बड़ी संख्या में टेक्टिकल न्यूक्लियर वेपन हैं। इन हथियारों में क्रूज मिसाइलों से लेकर रेडिएशन बम शामिल होते हैं। इन्हें जमीन से और हवा से लॉन्च किया जा सकता है।

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