कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि भाजपा के आराध्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय की एक बात मुझे हमेशा याद रहती है। वो कहते थे कि जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति है। और परमात्मा कहां मिलेगा, इस बारे में कहते थे कि मैं नहीं जानता मंदिर में भगवान की आरती उतारने, पूजन करने से परमात्मा प्रसन्न होंगे या नहीं, ये भी नहीं जानता कि तीज-त्योहार पर व्रत करने या हिमालय की गुफाओं में बैठकर तपस्या करने से भगवान आपको दर्शन देंगे या नहीं, लेकिन मैं यह जरूर जानता हूं कि यदि दीन-दुखियों की सेवा कर ली, गरीबों के आंसू पोंछ दिए तो उनकी आंखों में आपको साक्षात ईश्वर के दर्शन हो जाएंगे। वो कहते थे कि दरिद्र ही नारायण है। उसकी सेवा मतलब भगवान की पूजा।
सीएम शिवराज ने कहा कि भाजपा सरकार का फोकस है गरीब कल्याण, दरिद्रों की सेवा। हम गरीबों को उनका हक दे रहे हैं। लाड़ली बहना योजना को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि इस तरह पैसा क्यों बांट रहे हो। मैं बताना चाहता हूं कि यह पैसा बांटना नहीं, बल्कि उनका (बहनों का) हक है। धरती के संसाधनों पर सबका हक है। जिनके पास है, वो उससे धन कमाते हैं। लेकिन अधिकार तो उनका भी है, जिनके पास नहीं है। उनका हक उन्हें देने के लिए गरीबों के कल्याण की योजना चला रहे हैं। यही सही अर्थों में सामाजिक न्याय है।
शिवराज ने कहा कि भाजपा की सरकार हर कदम पर विकास की दौड़ में पीछे रह गए लोगों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अपने इस संकल्प को दोहराया कि प्रदेश में कोई भी गरीब जमीन या आवास के बगैर नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि गांवों में हमने मुख्यमंत्री भू-आवासअधिकार योजना बनाई है, जिसके तहत आवासहीनों को पट्टे बांटे जा रहे हैं। इसके अलावा शहर में भी कोई भी गरीब बगैर जमीन के नहीं रहेगा और यदि जमीन नहीं रही, तो भी मकान तो बनाएंगे।
इससे पहले नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दीनदयाल रसोई योजना के तीसरे चरण में 66 नगर पालिकाओं में स्थाई रसोई केंद्रों का शुभारंभ किया जा रहा है। इन्हें मिलाकर अब प्रदेश में 166 दीनदयाल स्थायी रसोई केंद्र हो गए हैं, जहां पर पांच रुपये में भोजन मिलेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीर प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल की महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी मौजूद रहे।