कश्मीर में जी-20 की बैठक में शामिल नहीं होंगे चीन और तुर्की! पाकिस्तान के समर्थन में लिया फैसला

Updated on 20-05-2023 07:26 PM
बीजिंग: चीन और तुर्की कश्मीर में होने वाले जी-20 की बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं। दोनों देशों ने जी-20 की बैठक को छोड़ने का फैसला अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान की आपत्तियों के बाद किया है। तुर्की लगातार कश्मीर को लेकर भारत की आलोचना करता रहा है। तुर्की कई बार संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठा चुका है। वह कश्मीर मुद्दे पर खुलकर पाकिस्तान का समर्थन भी करता है। वहीं, चीन तो कश्मीर का बड़ा हिस्सा अवैध रूप से कब्जा किए हुए है। 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प भी हो चुकी है। इसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे, जबकि कम के कम 38 चीनी सैनिकों की मौत हुई थी। गलवान घाटी की झड़प चार दशकों में भारतीय सेना और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच सबसे घातक टकराव थी। ऐसे में दोनों देश अपने व्यक्तिगत हितों के कारण जी-20 की कश्मीर में होने वाली बैठक से किनारा कर रहे हैं।

पाकिस्तान की आपत्तियों को भारत ने किया है खारिज


पाकिस्तान ने कश्मीर में G20 बैठक आयोजित करने के भारत के कदम को "गैर-जिम्मेदाराना" बताया था। हालांकि भारत ने पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने दो टूक लहजे में कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए कश्मीर में जी-20 की बैठक को गैर जिम्मेदाराना बताया था। पाकिस्तान का आरोप था कि भारत जी-20 की बैठक के जरिए कश्मीर पर अपने पक्ष को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार ने कहा है कि इस साल सितंबर में दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से पहले सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं।


इंडोनेशिया ने नहीं लिया कोई फैसला

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इंडोनेशिया कश्मीर में बैठक में शामिल होगा या नहीं। इंडोनेशिया पिछले साल जी-20 का अध्यक्ष था। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जम्मू कश्मीर में होने वाली जी-20 की बैठक में बाकी की बैठकों की अपेक्षा सदस्य देशों की की कम भागीदारी हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन देशों का प्रतिनिधित्व भारत में उनके संबंधित दूतावासों के राजनयिकों द्वारा किया जाएगा।

जी-20 की बैठक के कारण सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों में वृद्धि के कारण जी20 शिखर सम्मेलन से पहले क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस साल अब तक हुए चार हमलों में 10 सैनिक और 7 नागरिक मारे गए हैं। श्रीनगर की डल झील में भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो स्पीड बोट से गश्त कर रहे हैं। वहीं, काउंटर इंसर्जेंसी में माहिर ब्लैक कैट कमांडो श्रीनगर के लाल चौक के इलाके में तैनात हैं। इनके अलावा स्पेशल फोर्सेज, भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस भी हाई अलर्ट पर है और पूरे राज्य की सुरक्षा को चाक चौबंद कर दिया गया है।

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