विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का करना होगा शांत
विभाग ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कालेजों के शिक्षकों को पांच-पांच सरकारी स्कूलों में करियर काउंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित करना है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, मेधावी, संबल, गांव की बेटी सहित अन्य योजना के बारे में बताना है। यहां तक कि
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर विस्तृत जानकारी देना है। विद्यार्थियों को उनकी रुचि के मुताबिक विषयों का चयन करवाना है। इसके लिए विषय विशेषज्ञों की मदद लेना है। साथ ही प्लेसमेंट गतिविधियों, एनसीसी, एनएसएस के बारे में बताना होगा।
वहीं छात्र-छात्राओं की प्रत्येक संकाय से जुड़ी जिज्ञासाओं को भी शांत करना है। स्कूलों में काउंसिलिंग करने के बाद शिक्षकों को विद्यार्थियों के माता-पिता से भी मुलाकात करना है। ताकि वे अपने बच्चों का कालेज में दाखिला करवा सके। शिक्षकों को स्कूलों का दौरा करने के बाद रिपोर्ट तैयार बनाना होगी, जो उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक शिक्षकों को अधिक से अधिक विद्यार्थियों का कालेज में प्रवेश करवाना है। रजिस्ट्रेशन भी करवाना है।