
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर भाजपा द्वारा रविवार से प्रदेश भर के मंदिरों में स्वच्छता अभियान का शुभांरभ किया गया है। इसके तहत मुख्यमंत्री, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री, संगठन महामंत्री, मंत्रीगणों, पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में झाडू लगाकर पानी से मंदिर परिसरों की सफाई की।
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव उज्जैन के श्रीराम जनार्दन मंदिर, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा पन्ना के बलदेव जी मंदिर, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भोपाल के स्मार्ट सिटी रोड स्थित श्रीराम मंदिर और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने इंदौर के अन्नपूर्णा मंदिर में सफाई की।
22 तारीख का दिन हम सबके लिए बहुत ही सौभाग्य का दिन है। इस दिन हम प्रभु श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा के साक्षी बनने जा रहे हैं।
इस शुभ अवसर को आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी द्वारा चलाए जा रहे 'मंदिर एवं तीर्थ स्थान स्वच्छता अभियान' ने और भी खास बना दिया है।
इसी तरह प्रदेश शासन के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के श्रीविद्याधाम मंदिर, प्रहलाद पटेल ने विदिशा के खाटू श्याम मंदिर, राकेश सिंह ने जबलपुर के गढ़ा में गौतम जी की मढ़िया के सामने संकटमोचन हनुमान मंदिर में स्वच्छता अभियान में शामिल होकर मंदिर परिसर की सफाई की।
भोपाल के स्मार्ट सिटी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में पार्टी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी ने स्वच्छता अभियान के तहत मंदिर में सफाई की। अभियान 22 जनवरी तक चलेगा।
22 जनवरी का दिन भारत ही नहीं, दुनिया के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर घर-घर में उत्सव का माहौल है। शर्मा ने कहा कि श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा का आमंत्रण ठुकराने से कांग्रेस के मूल चरित्र का पता चलता है। कांग्रेस प्रभु की प्राण-प्रतिष्ठा में जाए या न जाए, कोई फर्क नहीं पड़ता।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि पार्टी पदाधिकारीगण और कार्यकर्ता प्रदेश में 21 जनवरी तक मंदिरों की साफ-सफाई करेंगे। 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर प्रदेशभर के मंदिरों में भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ, हवन और भंडारे होंगे।
22 जनवरी का दिन भारत ही नहीं, दुनिया के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर घर-घर में उत्सव का माहौल है। शर्मा ने कहा कि श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा का आमंत्रण ठुकराने से कांग्रेस के मूल चरित्र का पता चलता है। कांग्रेस प्रभु की प्राण-प्रतिष्ठा में जाए या न जाए, कोई फर्क नहीं पड़ता।