बाइनेंस के फाउंडर चांगपेंग झाओ को 4 महीने की जेल:एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों के उल्लंघन पर हुई सजा

Updated on 02-05-2024 01:20 PM

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस के फाउंडर और पूर्व CEO चांगपेंग झाओ को चार महीने जेल की सजा सुनाई गई है। झाओ को अमेरिका के एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। अमेरिका के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज रिचर्ड जोन्स ने यह सजा सुनाई है।

कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर 4.32 बिलियन डॉलर (करीब 36,068 करोड़ रुपए) का फाइन भी लगाया है। जबकि, झाओ ने 50 मिलियन डॉलर (करीब 417 करोड़ रुपए) जुर्माने के साथ-साथ US कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन को 50 मिलियन डॉलर का पेनल्टी भरा है।

इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों को फायदा पहुंचाने का आरोप
विपक्ष के वकील ने कोर्ट में कहा कि बाइनेंस ने क्रिमिनल्स को फायदा पहुंचाने वाला एक 'वाइल्ड वेस्ट' मॉडल अपनाया। इस मॉडल के जरिए हमास, अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट सहित बड़े आतंकी संगठनों के एक लाख संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रिपोर्ट ही नहीं किया गया। उन्होंने आगे कहा, झाओ के एक्सचेंज ने चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मटेरियल के व्यापार को सपोर्ट किया और इससे हुई रैंसमवेयर इनकम का एक बड़ा हिस्सा खुद भी रखा।

झाओ बोले- मैं एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट को लागू करने में विफल रहा
सजा सुनाए जाने से पहले झाओ ने जज से कहा, 'मुझे खेद है। मेरा मानना ​​है कि जिम्मेदारी लेने का पहला कदम गलतियों को पूरी तरह से पहचानना है। यहां मैं एंटी-मनिलॉन्ड्रिंग एक्ट को लागू करने में विफल रहा, मुझे उस गलती की गंभीरता का एहसास हुआ है।'

जेल जाने वाले सबसे अमीर व्यक्ति
क्रिप्टो मार्केट में चांगपेंग झाओ को CZ के नाम से जाना जाता है। झाओ अमेरिका में और संभवतः दुनियाभर में जेल जाने वाले सबसे अमीर व्यक्ति हैं। ब्लूमबर्ग के अनुसार झाओ की नेटवर्थ 43 बिलियन डॉलर करीब (3.59 लाख करोड़ रुपए) है।

₹35 हजार करोड़ लगा था जुर्माना
पिछले साल नवंबर में अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस पर 4.3 बिलियन डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाते हुए कहा था, 'अपने अपराधों के कारण बाइनेंस दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज बना।

उन्होंने कहा था कि अब यह अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े कॉर्पोरेट पेनाल्टीज में से एक का भुगतान करेगा।' इसके बाद झाओ को अपनी ही कंपनी से इस्तीफा देना पड़ा था। साथ ही अगले 3 साल तक कंपनी में कोई मैनेजमेंट पोजिशन भी होल्ड करने पर रोक लगा दी गई थी।

2017 में हुई थी बाइनेंस की शुरुआत
बाइनेंस की शुरुआत 2017 में हुई थी। बाइनेंस के इकोसिस्टम में कई क्रिप्टोएक्सचेंज हैं, जिसका इसने अधिग्रहण किया है और उन्हें बनाया है। इसके अलावा इसके पास खुद की क्रिप्टोकरेंसी, कई क्रिप्टो वॉलेट और नई क्रिप्टोकरेंसी को लॉन्च करने वाला एक लॉन्चपैड भी है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 September 2026
वॉशिंगटन: भारत 'मिडिल पावर्स' (मध्यम दर्जे की ताकतों) के एक नए मल्टीलेटरल (बहुपक्षीय) ग्रुप में शामिल हुआ है। यह ग्रुप पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म (P4M) है। विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने…
 24 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने मक्का समझौते के जरिए सऊदी अरब और तुर्की के साथ रक्षा संबंध मजबूत किए हैं। साथ ही खाड़ी देशों की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाने की उसकी…
 24 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भारत के दोस्त ने साइप्रस ने तुर्की को करारा जवाब दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति ने निकोस क्रिस्टोलाइट्स ने महासभा को संबोधित…
 24 September 2026
तेहरान: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की न्यूयॉर्क में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ सीधी बातचीत पर तेहरान में कट्टरपंथी भड़क गए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड…
 24 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर दुनिया के सामने सिंधु जल संधि (IWT) का मामला उठाया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने OIC (ऑर्गनाइजेशन ऑफ…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) के जम्मू-कश्मीर कांटेक्ट ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। न्यूयॉर्क में हुई इस…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कश्मीर पर बातचीत करने और…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। पीएम…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका, भारत और चीन, रूस पर दबाव डालें तो वह यूक्रेन में युद्ध जारी नहीं रख पाएगा। जेलेंस्की ने कहा…
Advt.