जब यह बात
कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी को पता चली तो वो डागा से मिलने चूनाभट्टी कार्यालय में पहुंचे। डागा बैठे हुए थे। ज्ञानचंदानी ने उनके पैर छुए और नामांकन पत्र वापस लेने के लिए कहा। डागा ने ज्ञानचंदानी को पैर छूने से रोका, लेकिन वो नहीं माने। इसके बाद ज्ञानचंदानी ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के बंगले पर चलने के लिए डागा से कहा। शाम छह बजे ज्ञानचंदानी डागा को लेकर
कमल नाथ के निवास श्यामाल हिल्स पर पहुंचे। यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री
दिग्विजय सिंह और मप्र कांग्रेस प्रभारी
रणदीप सिंह सुरजेवाला भी बैठे हुए थे। बंद कमरे में जितेंद्र डागा ने तीनों कांग्रेस के नेताओं से कहा कि आपके आग्रह पर भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए। आपने भरोसा दिलाया कि हुजूर विधानसभा क्षेत्र से आपको प्रत्याशी बनाया जाएगा। बीते आठ महीने से पूरे क्षेत्र में सक्रिय रहा। फिर ऐसा क्या हुआ कि मेरा टिकट काट दिया गया? अब आप भले ही पार्टी से निकाल दें। मैं चुनाव लड़ूंगा। इतनी बात सुनकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बाहर आए, उन्होंने नरेश ज्ञानचंदानी को भीतर बुलाया। 15 से 20 मिनट तक चर्चा हुई, लेकिन देर रात तक डागा नामांकन पत्र वापस लेने के लिए माने।
अब गुरुवार को नामांकन वापसी का अंतिम दिन है। डागा अपना नामांकन वापस लेते हैं या फिर निर्दलीय चुनाव लड़कर भाजपा व कांग्रेस की जीत का गणित बिगाड़ेंगे, यह गुरुवार को नामांकन वापस लेने समयावधि तक ही पता चल सकेगा।