गलत इस्तेमाल से एंटीबायोटिक्स खतरा:एम्स निदेशक ने कहा- मन की बात में यह मुद्दा उठना राष्ट्रीय चेतावनी

Updated on 30-12-2025 01:15 PM

आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों से लेकर कई सामान्य मरीज सही इलाज के बावजूद ठीक नहीं हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण एंटीबायोटिक दवाओं का घटता प्रभाव माना जा रहा है। इस स्थिति को एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) कहा जाता है। यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उठाया गया था। सोमवार को एम्स भोपाल में भी इस विषय पर विशेष चर्चा हुई।

AMR- चिकित्सा विज्ञान की बड़ी चुनौती

एम्स के निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने बताया कि AMR पूरी दुनिया में चिकित्सा क्षेत्र के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक लेना, गलत खुराक, अधूरा कोर्स और जरूरत से ज्यादा शक्तिशाली दवाओं का उपयोग इस संकट को और बढ़ा रहा है।

प्रधानमंत्री का इस मुद्दे को उठाना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है। यदि एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सामान्य बीमारियां जैसे निमोनिया और मूत्र मार्ग संक्रमण भी जानलेवा हो सकती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, पहले जो बुखार या संक्रमण दो गोली में ठीक हो जाता था, अब उसे ठीक होने में हफ्तों लग रहे हैं। दवा बदलने के बावजूद असर कम दिखाई दे रहा है।

विशेषज्ञों ने बताया कि कई बैक्टीरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं जैसे मेरोपेनम, पेनिसिलिन, अमॉक्सीसिलिन अब आईसीयू में भी बेअसर साबित हो रही हैं। जबकि कभी बेअसर साबित हुई सेपटोन और क्लोरोफेनिकोल अब दोबारा असर दिखाने लगी हैं और डॉक्टर इन्हें लिखने लगे हैं।

एम्स की रिसर्च ने बताया स्थिति क्यों घातक

एम्स भोपाल की ताजा रिसर्च में पता चला है कि यूरीन इन्फेक्शन, फेफड़े और खून के संक्रमण में इस्तेमाल होने वाली दवाएं तेजी से बेअसर हो रही हैं। पहले जो बीमारी 2-3 टैबलेट में ठीक हो जाती थी, अब उसके लिए हफ्तों लग रहे हैं।

यह रिसर्च 3,330 आइसोलेट्स मरीजों पर की गई, जिसमें 2,664 नेगेटिव और 666 पॉजिटिव बैक्टीरिया शामिल थे।

रिसर्च के प्रमुख निष्कर्ष

  • जनवरी 2025 से जून 2025 के बीच, यूरिनल इन्फेक्शन में दी जाने वाली सिप्रोफ्लॉक्सासिन दवा अब ई.कोलाई बैक्टीरिया पर केवल 39% असर दिखा रही है। यानी हर 10 में से 6 मरीजों पर यह दवा बेअसर हो चुकी है।
  • मेरोपेनम दवा, जो केलबसीला न्यूमोनिया के इलाज में इस्तेमाल होती थी, अब सिर्फ 52% मामलों में असर दिखा रही है।

डॉ. माधवानंद कर ने चेतावनी दी कि यदि AMR पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आम संक्रमण भी जानलेवा हो सकते हैं।=

क्या है एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस वह स्थिति है, जब बैक्टीरिया, वायरस या अन्य सूक्ष्मजीव दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं। इसका सीधा मतलब है कि जो एंटीबायोटिक पहले असरदार थीं, वे अब बीमारी को ठीक करने में नाकाम हो रही हैं। डॉ. माधवानंद कर के अनुसार, यह समस्या अब केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रही है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 25 June 2026
बलौदाबाजार। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार जिला अस्पताल में आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अस्पताल…
 25 June 2026
गुना, भोपाल से जयपुर जा रहे एक दंपती के साथ जोधपुर एक्सप्रेस में नशीला पानी पिलाकर लूट की वारदात हुई है। गुना के पास सामने बैठे एक अज्ञात युवक बेहोश होने…
 25 June 2026
भोपाल, भोपाल में अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में गिरफ्तार प्रमिला तिवारी के फर्जीवाड़े का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।पुलिस जांच में खुलासा…
 25 June 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को मिलने वाले अर्जित अवकाश नकदीकरण (लीव इनकैशमेंट) का हिसाब साफ कर दिया है। अब कर्मचारी रिटायरमेंट या सेवा के दौरान मौत होने पर मिलने…
 25 June 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप और मोटराइज्ड ट्रायसिकल वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू…
 25 June 2026
भोपाल। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून को भोपाल जिले में पांच वर्ष तक के तीन लाख 32 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।…
 25 June 2026
भोपाल। ऐसे कानून जिनकी अब जरूरत नहीं हैं, उनका सभी विभाग ठीक से परीक्षण कर लें और यदि निरस्त किया जाना है तो प्रस्ताव बनाकर भेजें। 20 जुलाई से मानसून…
 25 June 2026
भोपाल। भोपाल मेट्रो के एम्स से सुभाष नगर तक के सात किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर बुधवार को होने वाली तकनीकी जांच टल गई। दरअसल दिल्ली से आने वाली कमिश्नर…
 25 June 2026
भोपाल। ऐशबाग क्षेत्र के वार्ड-40 स्थित बाग उमराव दूल्हा में गैस राहत शासकीय सिविल डिस्पेंसरी का नया भवन बनकर तैयार हुए 39 महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के…
Advt.