
भोपाल। बड़े तालाब की लहरों पर मंगलवार से देशभर के सेलिंग खिलाड़ियों का रोमांच देखने को मिल रहा है। बोट क्लब में राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप के तीसरे संस्करण की शुरुआत हुई। 11 से 16 अगस्त तक चलने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग तय होगी।
इन बड़े नामों के बीच 10 साल की वृत्तिका संदीप म्हात्रे पर भी सभी की निगाहें रहेंगी। भारत की सबसे कम उम्र की विंडसर्फर के रूप में पहचान बना चुकी वृत्तिका इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। क्याकिंग एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र की खिलाड़ी वृत्तिका ने लंगकावी, मलेशिया में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
वृत्तिका की उपलब्धियों की सूची उनकी उम्र से कहीं बड़ी है। विंडसर्फिंग में उन्होंने मेघालय में स्वर्ण, गोवा में कांस्य और मार्वे, मुंबई में रजत पदक जीते हैं। इससे पहले महज 9 वर्ष की उम्र में ऑप्टिमिस्ट सेलिंग में भी वह एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी हैं। वृत्तिका का अगला सपना और बड़ा है। वे ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती हैं। उसका कहना है कि लहरें कितनी भी बड़ी हों, लक्ष्य उससे बड़ा होना चाहिए।
वृत्तिका के लिए भोपाल का बड़ा तालाब भी नया नहीं है। वह दूसरी बार बड़े तालाब की लहरों पर अपने हुनर को आजमा रही हैं। यहां की हवाओं और लहरों के साथ तालमेल बनाते हुए वह प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार हैं। उनके इस सफर में माता-पिता भी साथ खड़े हैं।बेटी के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और सफर में परिवार का सहयोग वृत्तिका के आत्मविश्वास को और मजबूत करता है। दस साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी वृत्तिका अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के अनुभवी खिलाड़ियों के बीच अपनी चुनौती पेश कर रही हैं। एक बात साफ है वृत्तिका की नजर अभी से ओलंपिक के स्वर्ण पदक पर है।