सेंगोल की गदा से अमित शाह ने विपक्ष को कर दिया तितर-बितर, 19 पार्टियों की एकता भी 'बेकार'

Updated on 25-05-2023 07:11 PM
नई दिल्ली: नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के बॉयकॉट को लेकर 19 राजनीतिक दल एकजुट क्या हुए, कयास लगना शुरू हो गया कि इस मसले पर विपक्षी एकता दिख रही है। इस एकता को 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देखा जाने लगा है। लेकिन यह एकता कितने समय तक टिक पाएगी कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कुछ विपक्षी दल इस मसले पर अब धीरे-धीरे केंद्र सरकार का साथ देते हुए नजर आ रहे हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की अगुवाई वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YRSCP) नए संसद भवन के उद्घाटन के बहिष्कार में विपक्षी दलों के साथ नहीं आएगी। वहीं ओड‍िशा में नवीन पटनायक की अगुवाई वाली बीजू जनता दल (BJD) ने भी नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होने का ऐलान क‍िया है। इसके अलावा भारत राष्ट्र समिति (BRS) के सांसद गुरुवार को फैसला करेंगे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विपक्षी एकता कितनी मजबूत है।


इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बताया था कि नए संसद भवन में 'सेंगोल' (राजदंड) की स्थापना की जाएगी। शाह ने बताया कि संसद भवन के उद्घाटन के साथ ही एक ऐतिहासिक परपंरा भी फिर से जीवित होगी। उधर राजनीतिक जानकारों ने तंज कसा है कि सेंगोल की गदा से अमित शाह ने विपक्ष को तितर-बितर करने की कवायद शुरू कर ही है।

एकता का एक मैसेज तक नहीं दे पाए विपक्षी दल

लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर विपक्ष, बीजेपी के खिलाफ लामबंद होने का दावा कर रहा है। विपक्ष का दावा है कि वह बीजेपी को मात देने की तैयारी में जुटा है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विपक्ष एकजुटता का एक मैसेज तक तो देश के आगे रखने सफल नहीं हो पाया है। ऐसे में लोकसभा चुनावों में सीटों के बंटवारा किस आधार पर करेंगे। भले 19 विपक्षी दल समारोह के विरोध में हों, लेकिन कई दल सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, के. चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नए संसद भवन आयोजन से दूर रहने के अपने फैसले की घोषणा करते हुए एक अलग बयान जारी करेगी। पिछले कुछ महीनों में विभिन्न मुद्दों पर मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के बावजूद, बीआरएस का संयुक्त बयान का हिस्सा नहीं बनने का फैसला विपक्षी खेमे की खामियों को दर्शाता है। इस साल दिसंबर में होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ बीआरएस, कांग्रेस, बीजेपी त्रिकोणीय मुकाबले में एक दूसरे के खिलाफ खड़े होंगे। ऐसे में वह विपक्षी एकता से दूरी बनाने में ही भलाई समझ रहे हैं।

कांग्रेस ने केसीआर से बना रखी है दूरी

कांग्रेस ने पिछले शनिवार को अपने नवगठित कर्नाटक सरकार के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डी के शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में केसीआर को आमंत्रित नहीं किया था। जबकि बीआरएस नेताओं ने लोकसभा से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की अयोग्यता की आलोचना की थी और अडानी समूह के खिलाफ आरोपों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच की मांग को लेकर संसद में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। दिलचस्प बात यह है कि बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो नीतीश कुमार, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के खिलाफ एक साझा मंच पर लाने के अपने प्रयासों के तहत हाल के सप्ताहों में विभिन्न क्षेत्रीय दलों के प्रमुखों से मुलाकात की है। अब तक केसीआर से मिलने से भी परहेज किया है। विपक्षी सूत्रों ने हालांकि कहा कि केसीआर ने पिछले साल अगस्त में पटना में नीतीश से मुलाकात की थी और गैर-बीजेपी मोर्चे के प्रस्ताव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

ये पार्टियां हैं सरकार के समर्थन में?

एक तरफ कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने उद्घाटन का बहिष्कार किया तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (BSP), चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (TDP), वाईएसआर कांग्रेस, एआईएडीएमके और अकाली दल का समर्थन प्राप्त हुआ। यह तमाम दल उद्घाटन समारोह में शिरकत कर सकते हैं। मायावती ने पहले ही घोषणा कर दी है कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उधर सुखबीर बादल की अगुवाई वाला अकाली दल 2021 में मोदी सरकार के तीन अब निरस्त कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध के दौरान एनडीए से बाहर हो गया था। सोमवार को अकाली दल ने भाजपा के साथ फिर से गठबंधन की संभावना की अटकलों को खारिज कर दिया, लेकिन अन्य विपक्षी दल उसकी चालों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

क्या है मामला?

28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने मोर्चा खोला है। 19 राजनीतिक दलों ने कार्यक्रम का संयुक्त रूप से बहिष्कार कर दिया है। उन्होंने बिल्डिंग का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करवाने पर बीजेपी को घेर लिया है। वह इसे राष्ट्रपति का अपमान बता रहे हैं। वहीं उन्होंने उद्घाटन की तारीख पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस दिन सावरकर की जयंती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 21 September 2026
BRICS के बढ़ते प्रभाव, भारत-चीन संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और UNSC में सुधार जैसे मुद्दों पर दुनिया की नजर है। ऐसे में भारत के लिए इस मंच की बदलती भूमिका कितनी…
 21 September 2026
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन ( SIR ) के बाद मतदाता सूची से हटाए गए अनगिनत वोटर शायद एक दशक तक वोट न दे पाएं। ऐसा इसलिए…
 21 September 2026
मृत्युंजय राय: क्या पश्चिमी देशों के वर्चस्व का दौर दुनिया में खत्म हो रहा है और उसकी जगह जो नई तस्वीर उभर रही है, वह कैसी है? सर विंस केबल…
 21 September 2026
मनु पब्बी, नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों से करीबी संबंध रखने वाली एक अमेरिकी ऑटोनॉमस सिस्टम कंपनी ने भारतीय कंपनी के साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने और बेचने का…
 21 September 2026
नई दिल्ली: भारत की प्राइवेट डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी आईजी डिफेंस ने अपने लंबी दूरी के वन-वे ड्रोन KAL का राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में फ्लाइट टेस्ट पूरा किया…
 21 September 2026
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत दी गई जानकारी में "गड़बड़ियों" के कारण जिन वोटरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, उनकी लिस्ट में दिवंगत…
 20 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में ABVP की शानदार जीत के बाद देश का सियासी पारा भी चढ़ गया है। बीजेपी और एबीवीपी के नेताओं ने कांग्रेस और…
 20 September 2026
सुभद्रा श्रीवास्तव, नई दिल्ली: देश के 180 से अधिक वैज्ञानिकों और इको लॉजिकल एक्सपर्ट ने सुपर अल नीनो को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने रिसर्चर्स और इस क्षेत्र में…
 20 September 2026
गणेश उत्सव आते ही घर-घर में वे कथाएं फिर दोहराई जाने लगती हैं जो बचपन से सुनी हैं। एक बालक है, जिसे माता पार्वती ने द्वार पर बिठाया है। शिवजी…
Advt.