अमेरिका ने तबाह किया हूतियों के बमों का जखीरा, यमन में पहली बार गरजा महाशक्तिशाली बी-2 स्टील्थ बॉम्बर, जानें इसकी ताकत

Updated on 17-10-2024 01:49 PM

सना: अमेरिकी एयर फोर्स ने यमन में हूती चरमपंथियों पर बड़ा हमला बोला है। अमेरिका मीडिया आउटलेट सीएनएन ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि हमले में ईरान समर्थित हूतियों के बमों के जखीरे को निशाना बनाया गया है। तीन अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड फोर्स ने यमन के हूती नियंत्रित क्षेत्रों में ईरान समर्थित हूती हथियार भंडारण सुविधाओं पर कई हवाई हमले किए गए।


पहली बार यमन में गरजे बी-2 बॉम्बर


अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि जिन सुविधाओं को निशाना बनाया गया, उनमें लाल सागर और अदन की खाड़ी में सैन्य और नागरिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार रखे गए थे। इस हमले के लिए अमेरिकी सेना ने बी-2 स्पिरिट बॉम्बर का इस्तेमाल किया है। यह पहली बार है जब अमेरिका ने यमन में हूतियों के खिलाफ स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल किया है। ये हमला यमन में स्थानीय समयानुसार गुरुवार सुबह तड़के किया गया है।


अमेरिका ने अकेले किया हमला


बी-2 स्पिरिट बॉम्बर फाइटर जेट की तुलना में बहुत बड़ा स्टील्थ प्लेटफॉर्म है। यह फाइटर जेट की तुलना में काफी ज्यादा मात्रा में बमों को ले जाने में सक्षम है। इसके पहले यमन में अभियान के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड फाइटर जेट का इस्तेमाल करता रहा है। ईरान समर्थित शिया चरमपंथी समूह पर हमला ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्र में भारी तनाव है। खास बात ये है कि गुरुवार का हमला अमेरिका ने अकेले किया है, जबकि इसके पहले वह ब्रिटेन के साथ यमन में कार्रवाई करता रहा है।


बी-2 स्पिरिट बॉम्बर की खासियतबी-2 स्पिरिट एक मल्टी-रोल बमवर्षक है, जो पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है। इसे अमेरिका का सबसे खतरनाक स्टील्थ बॉम्बर कहा जाता है। पहले से अभेद्य सुरक्षा बी-2 को दुनिया में कहीं भी कम समय में भारी मारक क्षमता प्रदान करती है। इसे बिना दोबारा ईंधन भरे 9600 किलोमीटर तक जा सकता है, जो इसे अंतरमहाद्वीपीय क्षमता प्रदान करता है। चार इंजन वाला यह स्टील्थ बॉम्बर 18,000 किलोग्राम तक पेलोड ले जा सकता है। 50,000 फीट की ऊंचाई तक जाने वाला इस बॉम्बर को दो पायलट उड़ाते हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 17 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी संसद ने भारी बहुमत से 'रूस बैन बिल' (Lindsey O. Graham Sanctions Act) पारित कर दिया है। इस बिल के पास होने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी…
 17 September 2026
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: 16 सितंबर को भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की तरफ से पाकिस्तान उच्चायोग को जारी किया गया कड़ा विरोध पत्र सिर्फ एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि समंदर में दोनों…
 17 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खाड़ी देशों के नेताओं के साथ बड़ी बैठक की योजना बना रहे हैं। बैठक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली के दौरान हो सकती है,…
 17 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को कहा कि सऊदी अरब पर हूती हमलों के बढ़ते मामलों के बीच 'मक्का रक्षा गठबंधन' को लागू करने की स्थिति…
 17 September 2026
मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। अपने शुभकामना संदेश में पुतिन ने वैश्विक मंच पर मोदी की अहमियत का जिक्र किया…
 17 September 2026
काबुल: सऊदी अरब पर हूतियों के हमलों के बीच तुर्की के इंटेलिजेंस चीफ इब्राहिम कालिन और अधिकारी अल-कुबैसी के नेतृत्व में कतर का एक सीनियर सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल काबुल पहुंचा है।…
 17 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से अशांति का शिकार है। सूबे में कई सशस्त्र गुट पाकिस्तान की सेना से आजादी के लिए लड़ रहे हैं। पाकिस्तानी सेना ने…
 17 September 2026
सना: यमन में बीते करीब एक महीने से हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकार में लड़ाई चल रही है। यमन का बड़ा इलाका पहले से ही हूतियों के नियंत्रण में…
 16 September 2026
टोक्यो: जापान धान की खेती से दोहरा लाभ कमा रहा है। धान के बचे वेस्ट और बिना इस्तेमाल वाले बेकार चावल को जापानी कॉस्मेटिक्स और रोजमर्रा के घरेलू सामान बनाने…
Advt.