
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग ने कुछ दिनों पहले कालेजों को संबद्धता और पाठ्यक्रम निरंतरता के लिए दिसंबर तक का अंतिम मौका दिया है। विभाग के पास पाठ्यक्रम निरंतरता के लिए पहुंचे 94 आवेदनों में से करीब 12 कालेजों की संबद्धता बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) से हैं। इन कालेजों में नियमित फैकल्टी की कमी के चलते इनकी संबद्धता अटक सकती है।
वहीं इस वर्ष शुरू हुए 40 प्राइवेट कालेजों पर फैकल्टी की कमी के कारण संबद्धता का संकट मंडरा रहा है। विभाग ने सत्र 2024-25 के लिए नए निजी कालेज या नवीन संकाय, नवीन विषय शुरू करने के साथ ही पहले से संचालित पाठ्यक्रमों की निरंतरता जारी करने के लिए निर्धारित समय सीमा में आनलाइन आवेदन बुला लिए हैं। विभाग को 94 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी तरह 50 आवेदन संकाय बदलने और नये विषयों को लेकर सोसायटी द्वारा किए गए हैं। इनमें से करीब 12 कालेजों के पास तय मापदंड के मुताबिक फैकल्टी मौजूद नहीं हैं। विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में नवीन निजी कालेज, नए कोर्स, नवीन विषय शुरू करने एवं पूर्व में संचालित निजी कालेजों में संचालित कोर्सेस की निरंतरता के लिए पूर्णत आनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके लिए संबंधी मार्गदर्शिका कार्यालय द्वारा जारी की गई है, जो विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।
फैकल्टी के अभाव में रोकी पूर्व से संचालित कालेजों की संबद्धता
बीयू ने फैकल्टी के अभाव में पूर्व में संचालित कालेजों की संबद्धता रोक दी है। इससे इन कालेजों में हुए प्रवेश को लेकर भी असमंजस स्थिति बनी हुई है। करीब 12 सोसायटी ने नए कालेज स्थापित करने के लिए विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया है। उन्हें सत्र 2024-25 में प्रवेश कराने के लिए बीयू से संबद्धता जरूरी है। हालांकि उनके पास फैकल्टी का अभाव है।
नए कालेजों का होगा भौतिक निरीक्षण
नए कालेजों का बीयू भौतिक निरीक्षण कराएगा। इस दौरान कालेजों को फैकल्टी के साथ प्राचार्य और अन्य स्टाफ भी दिखाना होगा। इस कारण सोसायटी फैकल्टी खोजने में लगी हुई है। कुछ कालेजों से स्टाफ और फैकल्टी की नियुक्ति करने के लिए विज्ञापन तक जारी कर दिए हैं।