भोपाल। शहर में कलात्मक, सांस्कृतिक, सामाजिक, खेल, धार्मिक आदि गतिविधियों का सिलसिला चलता रहता है। शुक्रवार 24 नवंबर को भी शहर में ऐसी अनेक गतिविधियों का आयोजन होने जा रहा है, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।
शैलचित्र प्रदर्शनी - विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर बिड़ला संग्रहालय में गुहा मानव के हस्ताक्षर - शैलचित्रों के रूप में प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 25 नवंबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में डा. नारायण व्यास के संकलन को प्रदर्शित किया गया है, जो कि भोपाल के आसपास के संदर्भ में है। इस प्रदर्शनी को सुबह साढ़े दस से शाम सात बजे तक देखा जा सकता है। दर्शकों के लिए प्रवेश निश्शुल्क है।
माह का प्रादर्श - मानव संग्रहालय के अंतरंग भवन वीथि संकुल में नवंबर माह के प्रादर्श के रूप में इंडोनेशिया में छाया रंगमंच के सबसे पुराने और लोकप्रिय कला वेयांग कुलित : रामा व लक्ष्मण को शामिल किया है, जिसे वर्ष 1998 में संकलित किया गया था। इस प्रादर्श का संयोजन संग्रहालय एसोसिएट डा. पी. अनुराधा ने किया है। इस प्रदर्शनी को सुबह 11 बजे से देखा जा सकता है।
चित्र प्रदर्शनी - मप्र जनजातीय संग्रहालय में प्रदेश के आदिवासी समुदाय के चित्रकारों की चित्र प्रदर्शनी हर माह लिखंदरा दीर्घा में लगती है। किसी एक जनजातीय चित्रकार की प्रदर्शनी सह विक्रय का संयोजन शलाका नाम से किया जाता है। इसी क्रम में इस माह भील समुदाय के चित्रकार दिलीप गणावा के चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 43वीं शलाका चित्र प्रदर्शनी 30 नवंबर तक जारी रहेगी।
चरखा प्रदर्शनी - इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में विभिन्न हिस्सों से संकलित पारम्परिक चरखों पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। शैलकला प्रदर्शनी भवन में प्रदर्शनी को सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक देखा जा सकता है।
पाटर्स मार्केट - गौहर महल में 11वें पाटर्स मार्केट का आयोजन 23 से 26 नबंवर तक किया जा रहा है। सुबह 11 बते से रात आठ बजे तक चलने वाले पाटर्स मार्केट में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, नागपुर, हैदराबाद व चेन्नई आदि शहरों के आर्टिस्ट आए हैं।
मैजिक महेश्वरी उत्सव - मप्र हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम की ओर से मृगनयनी कबीरा एम्पोरियम, जवाहर चौक में मैजिक महेश्वर प्रदर्शनी उत्सव का आयोजन 24 नवंबर से तीन दिसंबर तक किया जा रहा है। प्रदर्शनी में साड़ियों पर जाला हंसा बार्डर में नर्मदा के घाट के डिजाइन बुनाई के माध्यम से दर्शाये गए हैं, वहीं महेश्वर के बुनकर चंद्रकला डिजाइन की साड़ियां प्रस्तुत करेंगे।
करुणेश नाट्य समारोह - शहीद भवन में द राइजिंग सोसायटी आफ आर्ट एंड कल्चर द्वारा 10वां करुणेश नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। तीनदिवसीय इस नाट्य समारोह में पहले दिन आज शाम सात बजे से नाटक 'आधे अधूरे' का मंचन किया जाएगा। मोहन राकेश द्वारा लिखित नाटक का निर्देशन विजय कुमार द्वारा किया जाएगा। दर्शकों के लिए प्रवेश शुल्क 50 रुपये है।