
भोपाल। सावधान! यदि आप राजधानी की लो फ्लोर बसों में सवार होकर नवरात्र, दशहरा, दीपावली के लिए खरीदारी करने बाजार जा रहे हैं, तो थोड़ा सतर्क हो जाएं। यह सावधानी इसलिए जरूरी है, क्योंकि शहर में दौड़ने वाली इन लो फ्लोर बसों में शातिर चोरनी गिरोह (पर्दा गिरोह) सक्रिय हो गया है, जो आपके पाकेट और पर्स में रखे रुपयों पर हाथ साफ करने की माहिर है। यह गिरोह पूर्व में भी चोरी करने के साथ नुकसान भी पहुंचा चुका है।
हाल ही में एक वीडियो इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर बहुप्रसारित हो रहा है, जिसमें एक महिला एक बड़ा सा पर्दा लेकर बस में चढ़ती है और वह सीट न मिलने पर एक अन्य महिला यात्री के पास जाकर खड़ी हो जाती है, जिसके पास रखे बैग को वह चुरा लेती है। वह जिस बैग को चुराती है उसमें पांच हजार रुपये रखे होते हैं। नौ अक्टूबर का है वीडियो, पुलिस में पहुंचा मामला यह वीडियो नौ अक्टूबर का है और अब जाकर सामने आया है।
महिला ने पूरे मामले की शिकायत थाने में कर दी है। महिला यात्री गीता भावसार हबीबगंज बस स्टाफ से लो फ्लोर बस में सवार हुई थी। बस में भीड़भाड़ थी, इसलिए वह बस के चालक के पीछे जाकर खड़ी हुई थी। किराया देने के बाद उन्होंने पर्स को बैग में ही रख दिया था, कुछ देर बाद बैग देखा तो उसमें पर्स नहीं था। बैग ही नहीं, इन बसों में सवार यात्रियों से बदमाश मोबाइल भी चुरा रहे हैं। पूर्व में ऐसी घटनाएं हो चुकी है। बीते वर्ष पुलिस ने दीपावली पर बसों में जांच की तो एक गिरोह पकड़ाया था।
घटना के बाद महिला अपने स्वजनों के साथ आइएसबीटी स्थित बीसीएलएल के कार्यालय पहुंची। यहां पर बस में लगे सीसीटीवी देखे तो बैग से पर्स निकालती महिला नजर आ गई। उसने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। हमेशा दीपावली के समय इस प्रकार का महिला गिरोह सक्रिय हो जाता है। इस गिरोह में तीन से चार महिलाएं शामिल हैं, जो हमीदिया रोड, न्यू मार्केट, बैरागढ़ तक जाती है। इसके कारण बस में चोरी की वारदात बढ़ जाती है।
जेबकट गिरोह का शिकार हो चुके संदीप शर्मा ने बताया कि सार्वजनिक यात्री सेवाओं में अक्सर जेबकट और अन्य आपराधिक प्रवृति के बदमाश सफर करते हैं। उनकी हमेशा थानास्तर और ट्रैफिक पुलिस द्वारा चेकिंग की जानी चाहिए, लेकिन कुछ सालों से इस प्रकार की चेकिंग बसों में बंद है। इससे बदमाशों के होंसले बुलंद हो गए हैं। अगर बस चालक या कंडेक्टर इनकी कोई जानकारी पुलिस को देता था है तो यह आरोपित उस पर भी हमला करने से नहीं चूकते हैं। इसके लिए कई बार बस चालक और परिचालक इन बदमाशों की बस में सफर के दौरान पहचान होने के बाद भी उनके बारे में बताने से डरते हैं। ऐसे हमले राजधानी में भी सामने आ चुके हैं।