40 रु. के ‘चलो कार्ड’ में 50 रु. का बैलेंस, किराए में 20% की छूट

Updated on 09-02-2023 09:54 PM

इंदौर शहर बसों में 100% डिजीटल सेवा देने वाला राज्य का पहला शहर बन गया है। इन बसों में सेल्फ-सर्विस टिकटिंग मशीन और कॉन्टेक्टलेस पेमेंट है। अभी R-4 पर संचालित सभी पांच बसों में ट्रायल रन चल रहा है जिसे बाद में पूरे शहर में किया जाएगा। इस मार्ग का उपयोग करने वाले यात्री ‘चलो कार्ड’ का उपयोग करके अंदर और बाहर टेप करेंगे व अपनी यात्रा के लिए भुगतान करेंगे। इन बसों में नकद स्वीकार नहीं किया जाता है। बसों में नई डिजीटल सेवा बिल्कुल नए रूप में है और मार्ग में सीमित (20) स्टॉप पर रुकने वाली यह तेज बस है।

खास बात यह कि यात्रा के दौरान सभी टिकटों का प्रबंधन बस में लगे किराया संग्रह उपकरण के माध्यम से किया जाएगा। डिवाइस ‘चलो कार्ड’ के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर सकता है और ‘चलो एप’ से मोबाइल टिकट और पास भी स्कैन कर सकता है। ‘चलो कार्ड’ द्वारा प्रदान की जा रही तकनीक के साथ, यह एक ऐसा अनुभव होगा जो हांगकांग, लंदन और सिंगापुर जैसे वैश्विक शहरों में बस यात्रा के बराबर है।

ऐसे काम करता है

- बसों में डिजीटल सेवा यात्रा के लिए ‘चलो कार्ड या चलो एप’ का इस्तेमाल कर भुगतान करते हैं। जैसे ही यात्री बस में चढ़ेंगे, वे अपनी यात्रा का भुगतान करने के लिए ‘टेप-इन' टिकटिंग मशीन पर एक साधारण इंटरफेस मुखातिब होंगे।

- पास या सुपर सेवर प्लान धारक के लिए, टेप-इन करने के लिए टेप-इन मशीन पर एक क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। यात्री द्वारा बस में कार्ड टेप करने पर उनका किराया शुरू जाता है। फिर जब यात्री उतरते हैं तो एक अन्य टेप आउट मशीन पर क्यूआर कोड को स्कैन करके टेप आउट करते हैं।

- ‘चलो कार्ड’ पर वॉलेट बैलेंस के माध्यम से भुगतान करने वाले किसी व्यक्ति के लिए टेप करने पर, यात्रा के लिए अधिकतम किराया शेष राशि से लॉक हो जाता है। जब कोई यात्री बस से बाहर निकलता है, तो वास्तविक किराए की गणना की जाती है और अंतर को वापस कार्ड वॉलेट में जोड़ दिया जाता है।

- फायदे : नकद ट्रांजेक्शन नहीं, समय की बचत और किराए में 20% की छूट।

बस में सहायक से मिलेगी मदद

एआईसीटीएसएल ने यात्रियों को इस डिजीटल सेवा में मदद करने के लिए हर बस में एक 'यात्री सहायक' नियुक्त किया है। अंशुल तालोकर (एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, ‘चलो’) व पीआरओ माला सिंह ने बताया कि इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पहले से ही शहर की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजीटल तकनीक पर काम कर रही है। चूंकि अधिक से अधिक लोग दैनिक भुगतान के लिए यूपीआई जैसे भुगतान मोड को प्राथमिकता दे रहे हैं, ऐसे में सिटी बसों में डिजिटल भुगतान को अपनाना सहज होगा।” एआईसीटीएसएल की इस सेवा को और अधिक बसों में विस्तारित करने की योजना है। सभी सिटी बसों में कंडक्टरों से ‘चलो कार्ड’ खरीदे जा सकते हैं। ‘चलो एप’ गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।


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