जेरोधा ने लॉन्च किया गोल्ड ETF : 21 फरवरी तक इस NFO के लिए कर सकते हैं अप्लाय

Updated on 17-02-2024 01:09 PM

जेरोधा फंड हाउस ने आज यानी 16 फरवरी को 'जेरोधा गोल्ड ETF' लॉन्च किया है। इस NFO यानी न्यू फंड ऑफर के लिए इन्वेस्टर्स 21 फरवरी तक अप्लाय कर सकते हैं, जिसका अलॉटमेंट 26 फरवरी को होगा।

यह फंड नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 1 मार्च 2024 को लिस्ट होगा, जो टेंटेटिव डेट है। यह एक ओपन एंडेड ETF है, जिसको स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग के बाद कभी भी खरीदा और बेचा जा सकेगा।

95% से 100% पैसा गोल्ड और उससे रिलेटेड इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट होगा
जेरोधा के इस नए फंड में निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स का 95% से 100% पैसा फिजिकल गोल्ड और गोल्ड रिलेटेड इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट होगा। जबकि, 0% से 5% पैसा डेट, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स, कैश और कैश इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाएगा।

मिनिमम ₹500 से इस NFO के लिए कर सकते हैं अप्‍लाय
जेरोधा गोल्ड ETF के NFO लिए इन्वेस्टर्स मिनिमम ₹500 से अप्‍लाय कर सकते हैं, जिसे ₹100 के मल्टी-पल में बढ़ाया जा सकता है। UPI, नेट बैंकिग, निफ्ट या RTGS के जरिए इसके लिए पेमेंट कर सकते हैं।

इस फंड को श्याम अग्रवाल मैनेज करेंगे। कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, इससे पहले श्याम अग्रवाल स्मॉलकेस और ट्रू बीकन सहित अलग-अलग मैनेजमेंट रोल में काम कर चुके हैं। श्याम का कहना है कि गोल्ड इन्वेस्टर्स के पोर्टफोलियो की अस्थिरता को कम करने में सक्षम बनाता है।

गोल्ड ETF क्या होता है?
गोल्ड ETF एक ओपन एंडेड फंड होता है, जो सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होता है। ETF बहुत अधिक कॉस्ट इफेक्टिव होता है। एक गोल्ड ETF यूनिट का मतलब है कि 1 ग्राम सोना। वह भी पूरी तरह से प्योर। यह गोल्ड में इन्वेस्टमेंट के साथ स्टॉक में इन्वेस्टमेंट की फ्लेक्सिबिलिटी देता है।

गोल्ड ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाता है।

गोल्ड ETF में निवेश करने के हैं कई फायदे

कम मात्रा में भी खरीद सकते हैं सोना: ETF के जरिए सोना यूनिट्स में खरीदते हैं, जहां एक यूनिट एक ग्राम की होती है। इससे कम मात्रा में या SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए सोना खरीदना आसान हो जाता है। वहीं भौतिक (फिजिकल) सोना आमतौर पर तोला (10 ग्राम) के भाव बेचा जाता है। ज्वेलर से खरीदने पर कई बार कम मात्रा में सोना खरीदना संभव नहीं हो पाता।

मिलता है शुद्ध सोना: गोल्ड ETF की कीमत ट्रांसपेरेंट और एक समान होती है। यह लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन को फॉलो करता है, जो कीमती धातुओं की ग्लोबल अथॉरिटी है। वहीं फिजिकल गोल्ड अलग-अलग विक्रेता/ज्वेलर अलग-अलग कीमत पर दे सकते हैं। गोल्ड ETF से खरीदे गए सोने की 99.5% शुद्धता की गारंटी होती है, जो कि सबसे उच्च स्तर की शुद्धता है। आप जो सोना लेंगी उसकी कीमत इसी शुद्धता पर आधारित होगी।

ज्वेलरी मेकिंग का खर्च नहीं लगता: गोल्ड ETF खरीदने में 0.5% या इससे कम की ब्रोकरेज लगती है, साथ ही पोर्टफोलियो मैनेज करने के लिए सालाना 1% चार्ज देना पड़ता है। यह उस 8% से 30% मेकिंग चार्जेस की तुलना में कुछ भी नहीं है, जो ज्वेलर और बैंक को देना पड़ता है, भले ही आप सिक्के या बार खरीदें।

सोना रहता है सुरक्षित: इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड डीमैट अकाउंट में होता है जिसमें सिर्फ सालाना डीमैट चार्ज देना होता है। साथ ही चोरी होने का डर नहीं होता। वहीं फिजिकल गोल्ड में चोरी के खतरे के अलावा उसकी सुरक्षा पर भी खर्च करना होता है।

खरीदने और बेचने में आसानी: गोल्ड ETF को बिना किसी परेशानी के तुरंत खरीदा और बेचा जा सकता है। गोल्ड ETF को लोन लेने के लिए सिक्योरिटी के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

NFO क्या होता है?
NFO का मतलब न्यू फंड ऑफर। जब कोई भी म्यूचुअल फंड लिस्ट होता है तो उसे NFO कहा जाता है। जितने भी म्यूचुअल फंड अभी अवेलेबल हैं वह इसी तरह NFO लाकर लिस्ट होते हैं।



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