मानव संग्रहालय भोपाल में कच्छ की पारंपरिक चित्रकला पर कार्यशाला

Updated on 28-05-2024 01:07 PM

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में पारंपरिक ज्ञान पद्धति को जीवित रखने और बढ़ावा देने के लिए आयोजित 'करो और सीखों' संग्रहालय शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत कच्छ, गुजरात की पारंपरिक लिप्पन भित्ति चित्र कला पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कच्छ के ग्राम धोरडो से आए पारंपरिक कलाकार रहीम अली मुतवा एवं अजीज अहमद पंजीकृत प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। रहीम अली मुतवा ने कहा कि लिप्पन कला दिखने में जितनी सुंदर है, इसे सीखना उतना ही आसान है।

रहीम अली ने बताया कि इसे चित्तर काम, लिप्पन काम या मिट्टी की दीवार कला के रूप में भी जाना जाता है। यह कला रूप मिट्टी को सुंदर और जीवंत भित्ति चित्रों और दीवार पर लटकाने वाली वस्तुओं के रूप में बनाते है। 'लिप्पन' का अर्थ है मिट्टी और 'काम' का अर्थ है काम। यह कला रूप वास्तव में मिट्टी को जीवन और कलात्मकता प्रदान करता है। लिप्पन को मड वॉशिंग के नाम से भी जाना जाता है। जिसका उपयोग उमस भरे गर्म मौसम में घरों को ठंडा रखने के लिए किया जाता है और ऐसा स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग करके किया जाता है।

कच्छ में कारीगर मिट्टी और ऊँट के गोबर के मिश्रण को एक साथ मिलाते हैं। यह मिट्टी की नक्काशी आम तौर पर मिट्टी के घर की दीवारों के अंदर और बाहर की जाती है, जिन्हें भुंगा के नाम से जाना जाता है, जो ठंडा तापमान बनाए रखने में मदद करता है और साथ ही सजावट के उद्देश्य को भी पूरा करता है। यह कला दिखने में जितना सुंदर है इसे सीखना उतना ही आसान है।

इस मौके पर अजीज अहमद ने कहा कि इस कला रूप का पसंदीदा रंग सफ़ेद है। कच्छ में लिप्पन काम के कारीगर इतने अनुभवी हैं कि वे इस कला को सीधे लकड़ी के बोर्ड पर या फिर घरों की दीवारों पर करते हैं। लेकिन नए कारीगर इसे ज़्यादा आकर्षक बनाने के लिए सूखी मिट्टी पर लाल, हरे और नीले रंग के शेड्स से रंगते हैं। मिट्टी के काम के सुंदर विषय और विवरण आम तौर पर मोर, ऊँट, हाथी,आम के पेड़, मंदिर और कच्छ में जीवन की दैनिक गतिविधियों को कला के माध्यम से चित्रित करते हैं। आदर्श रूप से, लिप्पन कला मुख्य रूप से मुक्तहस्त रेखाचित्रों के रूप में की जाती है और इसमें मुख्य रूप से भौगोलिक रचनाएं और आकृतियां होती हैं। मिट्टी के प्रतिबिंब का काम दीवारों, छतों, प्रवेश द्वारों और फर्श पर जटिल रूप से किया जाता है। इस अद्भुत कला रूप के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि वे बहुत टिकाऊ और मजबूत है। क्योंकि यह मिट्टी और दर्पणों से बना है। वे पूरी तरह से मजबूत हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 09 July 2026
 भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को समाप्त करने के लिए त्रिवार्षिक कार्ययोजना तैयार की है। बुधवार को डीजीपी कैलाश मकवाणा की उपस्थिति में एडीजीपी नारकोटिक्स…
 09 July 2026
 भोपाल। राजधानी में बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया से लगे नीलबड़, रातीबड़, कलखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ रही है। मास्टर प्लान में इन…
 09 July 2026
भोपाल । वैसे तो मुख्यमंत्री का आकलन राज्य के विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं की सफलता में निहित होता है, लेकिन मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के खाते में…
 09 July 2026
भोपाल । ऐशबाग थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पार करते समय एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा मंगलवार रात बरखेड़ी के पास हुआ।ट्रेन…
 09 July 2026
भोपाल। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग यानी एनएमसी ने पढ़ाई की गुणवत्ता और अस्पताल प्रबंधन की निगरानी के लिए देश भर के सभी मेडिकल कॉलेजों को अपने कमांड एंड कट्रोल सेंटर से…
 09 July 2026
भोपाल । बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं और लापरवाही के विरोध में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने कुलगुरु कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।एनएसयूआई जिला प्रभारी…
 09 July 2026
भोपाल । वर्षों से सड़क, बिजली, पानी, सीवेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रह रहे भोपाल की विभिन्न कॉलोनियों के रहवासियों का गुस्सा गुरुवार को जिला प्रशासन की…
 09 July 2026
भोपाल। प्रदेश में पहली बार भोपाल की सेंट्रल जेल में कैदियों की नशे की लत छुड़ाने के लिए केंद्र बनाया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से यह केंद्र तैयार…
 09 July 2026
भोपाल। राजधानी में मानसिक रूप से कमजोर एक किशोरी से उसके दो नाबालिगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके वीडियो रिकॉर्ड किए। घटना के बाद पीड़िता यह बात किसी को…
Advt.