जब जमाना न हो राजी, तब स्पेशल मैरिज ऐक्ट कराता है शादी, जानें क्या है यह कानून

Updated on 13-03-2023 08:03 PM
नई दिल्लीः पिछले दिनों आपने एक खबर पढ़ी होगी। केरल में एक मुस्लिम दंपती ने 29 साल बाद दोबारा शादी की। वजह थी कि शरीयत कानून से की गई शादी में उनकी बेटियों को पैतृक हक नहीं मिल पा रहा था। यह शादी उन्होंने स्पेशल मैरिज ऐक्ट के जरिए की। ऐक्ट को समझने से पहले यह जान लीजिए कि पिछले दिनों बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने भी इसी कानून के तहत शादी की थी। अभी अपने देश में शादियां हिंदू विवाह अधिनियम 1955, मुस्लिम मैरिज ऐक्ट 1954 या स्पेशल मैरिज ऐक्ट 1954 के तहत होती हैं। न्यायपालिका यह सुनिश्चित करती है कि पति और पत्नी के अधिकारों की रक्षा की जा सके। विशेष विवाह अधिनियम की इन दिनों काफी चर्चा है। संसद ने यह कानून धर्म या जाति से इतर भारतीयों और विदेश में बसे सभी भारतीय नागरिकों की सिविल मैरिज के लिए पारित किया है।
क्या है स्पेशल मैरिज ऐक्ट
इस कानून के तहत दो अलग-अलग धर्मों के लोग शादी के बंधन में बंध सकते हैं। जब पति या पत्नी दोनों हिंदू, बौद्ध, जैन या सिख नहीं हों तो इस ऐक्ट के तहत शादी का पंजीकरण कराया जा सकता है। इसके तहत कपल को शादी की प्रस्तावित तारीख से 30 दिन पहले मैरिज ऑफिसर को संबंधित दस्तावेज के साथ नोटिस देना होता है। यह प्रक्रिया अब ऑनलाइन https://www.onlinemarriageregistration.com/ शुरू हो गई है। हालांकि विवाह कार्यक्रम के लिए जोड़े को मैरिज अधिकारी के सामने उपस्थित होना होता है।

मां-बाप ने फिर की शादी

कुछ दिन पहले केरल में एक मुस्लिम दंपति ने अपनी बेटियों को उत्तराधिकार का पूरा हक दिलाने के लिए एक बार फिर शादी की। पहले उनकी शादी मुस्लिम यानी शरीयत कानून के तहत हुई थी, इस बार उन्होंने स्पेशल मैरिज ऐक्ट के तहत की। अब उनकी बेटियों को संपत्ति पर पूरा अधिकार मिलेगा। इसके बाद स्पेशल मैरिज ऐक्ट की काफी चर्चा हुई। लोगों को मुस्लिम लॉ की खामियां भी पता चलीं। हालांकि मुस्लिम धर्मगुरु इसे अलग तरह से परिभाषित करते हैं। कुछ लोगों ने इस कपल को धमकी भी देना शुरू कर दिया।


इससे पहले जब स्वरा और फहाद ने बगैर धर्म बदले शादी की, तब भी इस कानून की काफी चर्चा हुई। यह कानून पर्सनल लॉ या धर्म के तहत होने वाली शादियों से इतर स्टेट को विवाह कराने का अधिकार देता है। पर्सनल लॉ में एक बड़ी समस्या यह है कि दूल्हा और दुलहन का धर्म एक ही होना चाहिए। नहीं है, तो धर्म परिवर्तन की बात कही जाती है लेकिन अगर कोई हिंदू या मुस्लिम बिना धर्म बदले शादी करना चाहते हैं तो क्या विकल्प है? ऐसे में इस ऐक्ट की जरूरत महसूस हुई। इसके तहत आप अपनी धार्मिक पहचान के साथ दूसरे धर्म का अपना जीवनसाथी चुन सकते हैं।

धर्म बदलने की टेंशन नहीं

वैसे, देश में सिविल और धार्मिक दोनों तरह के विवाह की स्वीकृति है। सिविल कानून में कुछ शर्तें भी हैं। जैसे, शादी के समय वर या वधू का पहले से जीवनसाथी नहीं होना चाहिए। जोड़े में कोई ऐसा न हो जो शादी के लिए सहमति देने की स्थिति में न हो। मानसिक बीमारी नहीं होनी चाहिए।


वर-वधू पक्ष से नोटिस मिलने के बाद अगले 30 दिन में शादी को लेकर कोई तीसरा शख्स आपत्ति दर्ज करा सकता है। इस दौरान एक पब्लिक नोटिस जारी होता है। एक कॉपी नोटिस बोर्ड पर लगती है और एक-एक कॉपी दोनों पक्षों को रजिस्टर्ड पोस्ट से भेजी जाती है। SDM 30 दिन में आई आपत्तियों को देखते हैं और उसके बाद पंजीकरण होता है। सब कुछ ठीक रहा तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दोनों पक्ष ऑफिस में उपस्थित रहते हैं और तीन गवाह हस्ताक्षर करते हैं। इस तरह से मैरिज ऑफिसर विवाह को कानूनी मान्यता दे देते हैं।

अब ऐक्ट में बदलाव की मांग

स्पेशल मैरिज ऐक्ट के तहत लड़का और लड़की दोनों बालिग होने चाहिए। वे किसी भी धर्म के हो सकते हैं। लड़की की उम्र कम से कम 18 साल और लड़के की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर स्पेशल मैरिज ऐक्ट को जेंडर न्यूट्रल करने की गुहार लगाई गई है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
भास्कर रिपोर्टर प्रमोद साहू ने साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के साथ बातचीत की। इस दौरान एक्सपर्ट ने कहा कि बच्चों के हाथ में फोन और उसमें ऑनलाइन गेम अब…
 19 September 2026
मुंबई के पवई स्थित IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे नाम के स्टूडेंट की शुक्रवार शाम मौत हो गई। मुंबई पुलिस के मुताबिक, साहिल ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से…
 19 September 2026
नई दिल्ली: रिश्वत की शिकायत मिली, CBI ने तुरंत FIR दर्ज की और कुछ ही घंटों में जाल बिछा दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस तेजी पर सवाल उठाते हुए…
 19 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया कि आरोपी के खिलाफ दोष की वैधानिक धारणा का मतलब यह नहीं है…
 19 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर…
 19 September 2026
अनिल बलूनी: नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS सम्मेलन के पहले ही दिन जब ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन’ की घोषणा हुई, तो वह केवल एक औपचारिक कूटनीतिक वक्तव्य नहीं था,…
 18 September 2026
बैंगलुरू: इंडियन एयरफोर्स को आज (शुक्रवार) दो LCA मार्क-1 ट्रेनर एयरक्राफ्ट और तीन बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट HTT40 की डिलीवरी हो जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ये कार्यक्रम…
 18 September 2026
नई दिल्ली: पूर्व IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने से 7 लोगों की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू किया है, जिसके जरिए वे मोटी कमाई…
Advt.