
न्यू टाइगर हाउस का निर्माण किया
सुबह की हल्की धूप में बाड़ों के बाहर टहलते हुए नजर आने वाले टाइगर, तेंदुआ और भालू दिन की तपिश बढ़ते ही अंदर लगे कूलरों की तरफ चले जाते हैं। इसके बाद पूरी दोपहर ये जानवर कूलर की ठंडी हवा में आराम फरमाते हुए गुजारते हैं। वन विहार में राष्ट्रीय पशु बाघ के लिए खास तौर पर न्यू टाइगर हाउस बनाया गया है, जिसमें ग्रीन मेट, कूलर के साथ पानी के कुंड भी बनाए हैं, ताकि वन विहार की शान को किसी तरीके की दिक्कत न हो। खुले में घूमने वाले जानवरों को कूल रखने के लिए हट बनाईं गई हैं।
वाटर पूल बनाए
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल की संचालक पद्माप्रिया बालाकृष्णन ने बताया कि बड़े जानवरों के लिए कूलर पंखे और ठंडक की व्यवस्था के साथ अन्य जानवरों का भी विशेष तौर पर ध्यान रखा जा रहा है। वन विभाग के केप्टिविटी में रखे गए वन्य प्राणियों के लिए जगह-जगह वाटर पूल बनाए गए हैं, ताकि जानवरों के लिए हर समय पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रहे। वन विहार में बड़ी संख्या में हिरण, सांभर, मोर, जंगली सुअर, नीलगाय और बंदरों के झुंड रहते हैं। उन्होंने बताया कि जानवरों की सेहत की मानिटरिंग के लिए वन विभाग और डक्टरों की टीम भी तैनात कर दी गई है।
भालू खा रहे तरबूज-खरबूज
गर्मी को देखते हुए शाकाहारी जानवरों के खानपान में बदलाव किए गए हैं। भालू को मौसमी फल खरबूज, तरबूज आदि खाने को दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार जानवरों के लिए वन विहार में ही हरी घास (बरसीन) उगाई गई है, जो गर्मी में उनके भोजन का मुख्य स्त्रोत है। इसी के साथ जानवरों को कुछ और लिक्विड फूड दिए जा रहे हैं।