RBI के एक्शन के बाद आपके पेटीएम अकाउंट, बैलेंस और फास्टैग का क्या होगा

Updated on 01-02-2024 02:28 PM
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनी पेटीएम के ग्राहकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक की सभी सेवाओं पर एक तरह से मार्च से रोक लगा दी है। केवल ट्रांसफर और विड्रॉल की अनुमति होगी लेकिन आप 29 फरवरी से अपना वॉलेट या फास्टैग टॉप नहीं कर सकेंगे। साथ ही आप अपने अकाउंट में पैसा डिपॉजिट नहीं कर पाएंगे। यहां हम आपको बता रहे हैं कि पेटीएम के खिलाफ आरबीआई के एक्शन का यूजर्स पर क्या असर होगा...
  1. क्या पेटीएम के जरिए यूपीआई पेमेंट संभव है?
    आरबीआई के एक्शन से उन यूजर्स को परेशानी हो सकती है जिन्होंने अपने पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट को यूपीआई से लिंक किया है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट में 29 फरवरी तक पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके बाद इसे खत्म होने तक इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर आपका यूपीआई एड्रेस एसबीआई या आईसीआईसीआई जैसे किसी दूसरे बैंक अकाउंट के साथ लिंक है तो आरबीआई के एक्शन से आप पर कोई असर नहीं होगा।
  2. क्या दुकानदार पेटीएम के जरिए पेमेंट स्वीकार करेंगे?
    जो दुकानदार अपने पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट में पैसा रिसीव करते हैं, वे पेमेंट रिसीव नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह यह है कि उनके अकाउंट्स में फ्रेड क्रेडिट की अनुमति नहीं है। लेकिन कई कंपनियों के पास दूसरी कंपनियों के क्यूआर स्टिकर्स हैं जिनके जरिए वे डिजिटल पेमेंट्स स्वीकार कर सकते हैं।
  3. आपके वॉलेट बैलेंस का क्या होगा?
    आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प यही है कि आप अपना वॉलेट बैलेंस अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर लें। आप वहां पड़े पैसों से बिजली या टेलिफोन का बिल दे सकते हैं।
  4. फूड और फ्यूल जैसे सब-वॉलेट का क्या होगा?
    आरबीआई ने पेटीएम को किसी भी पीपेड इंस्ट्रूमेंट में फंड स्वीकार करने से रोक दिया है। इनमें नेशनल कॉमल मोबिलिटी कार्ड्स भी शामिल है जिसका इस्तेमाल मेट्रो, फूड और फ्यूल वॉलेट में होता है। मौजूदा बैलेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन 29 फरवरी के बाद इसमें फ्रेश फंड्स नहीं जोड़ा जा सकता है।
  5. अगर आपके पास पेटीएम का फास्टैग है?
    पेटीएम फास्टैग यूजर्स को दूसरे इश्यूर से नया टैग खरीदना होगा और अभी जिसका इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे डिएक्टिवेट करना होगा।
  6. पेटीएम के जरिए लिए लोन का क्या होगा?
    पेटीएम के जरिए लोन लेने वालों को लगागार रिपेमेंट करते रहना होगा क्योंकि यह लोग थर्ड-पार्टी लेंडर का है, पेटीएम का नहीं। अगर कोई कर्जदार समय पर भुगतान नहीं करता है तो उसका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है।
  7. स्टॉक, म्यूचुअल फंड सर्विसेज का क्या होगा?
    इन सर्विसेज को सेबी रेगुलेट करता है और ये आरबीआई के ऑर्डर के दायरे में नहीं आती हैं। अभी यह साफ नहीं है कि सेबी इनकी समीक्षा करेगी या नहीं।
  8. पेटीएम पेमेंट गेटवे का क्या होगा?
    कुछ बड़े सरकारी प्लेटफॉर्म्स के पास मल्टीपल पेमेंट गेटवेज हैं। छोटी एंटिटीज को बदलाव करना पड़ सकता है।

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