लखपति दीदी, आंगनवाड़ी, आयुष्मान भारत गांव और किसान को बजट में क्या-क्या मिला

Updated on 01-02-2024 02:21 PM
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने गांवाें, किसानों और महिलाओं के लिए कई घोषणाएं कीं। सीतारमण ने कहा कि सरकार गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है। उनका जीवन अच्छा बनाने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है। गरीब का कल्याण ही देश का कल्याण है। हम गरीबों के लिए काफी काम कर रहे हैं। पिछले 10 साल में सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्त कराया है। हमारी सरकार की कोशिश है कि ऐसे लोगों को और आगे बढ़ाया जाए। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से 34 लाख रुपये जनधन अकाउंट से दिया गया है। 2.34 लाख करोड़ रुपये इससे बचे हैं। यानी गलत जगह रुपये नहीं गए। पीएम फसल बीमा योजना के जरिए 4 करोड़ किसानों को इसका लाभ दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य देखभाल के दायरे में सभी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लाया जाएगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए प्रतिवर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपये का 'कवरेज' प्रदान करती है। पिछले साल 27 दिसंबर तक इस योजना के दायरे में 12 करोड़ परिवारों के 55 करोड़ लोग थे।

पीएम किसान

वित्त मंत्री ने कहा कि नैनो डीएपी का विस्तार पूरे देश में किया जाएगा। तिलहन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्यनीति तैयार की जाएगी। पीएम किसान संपदा से 38 लाख किसानों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि डेरी किसानों की सहायता के लिए व्यापक कार्यक्रम बनेगा। पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ घर का लक्ष्य पूरा होने के करीब है। अगले पांच साल में दो करोड़ और घर बनाए जाएंगे। साथ ही सौर प्रणाली वाले एक करोड़ लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। देश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी योजना के तहत एक करोड़ लखपति दीदी बनाई जा चुकी हैं। इसका टारगेट दो करोड़ से तीन करोड़ कर दिया गया है।

हालांकि सीतारमण ने पीएम-किसान के लिए बजट में कोई घोषणा नहीं की। माना जा रहा था कि पीएम-किसान के तहत मिलने वाली रकम में बढ़ोतरी की जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पीएम-किसान स्कीम की घोषणा साल 2019 में की गई थी और लोकसभा चुनावों से पहले इसकी पहली किस्त जारी कर दी गई थी। अभी इसमें हर साल तीन किस्तों में 6,000 रुपये मिलते हैं। पीएम-किसान के तहत पैसा सीधे किसानों के खाते में जाता है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम माना जाता है। पिछले पांच साल में सरकार 15 किस्तों में 2.8 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर कर चुकी है। इससे 11.5 करोड़ किसानों को फायदा हुआ है। शुरुआत में इस योजना को केवल सीमांत और छोटे किसानों के लिए शुरू किया गया था लेकिन बाद में सभी किसानों को इसमें शामिल कर लिया गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में किसानों की कुल आबादी में महिलाओं की आबादी 60 फीसदी है जबकि उनकी लैंड ऑनरशिप 13 फीसदी से कम है।

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