हम अंत तक लड़ेंगे... ट्रेड वॉर को लेकर चीन ने अमेरिका को दिया कड़ा जवाब, क्या ट्रंप ने चुन लिया बर्बादी का रास्ता?

Updated on 14-10-2025 01:30 PM
नई दिल्ली: अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर फिर से शुरू हो गया। मंगलवार को चीन ने अमेरिका को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि वह इस लड़ाई को 'आखिरी दम तक' लड़ने के लिए तैयार है। यह बयान तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी सामानों पर 100% अतिरिक्त टैरिफ (शुल्क) लगाने की घोषणा की। इससे चीन पर कुल टैरिफ बढ़कर 130% हो गया है।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि टैरिफ वॉर और ट्रेड वॉर के मामले में चीन का रुख हमेशा एक जैसा रहा है। प्रवक्ता ने अमेरिका से कहा कि अगर आप लड़ना चाहते हैं, तो हम आखिरी दम तक लड़ेंगे। वहीं अगर आप बातचीत करना चाहते हैं, तो हमारा दरवाजा हमेशा खुला है। शुक्रवार को ट्रंप ने कहा था कि यह नया टैरिफ, चीन के दुर्लभ पृथ्वी (rare earths) पर एक्सपोर्ट कंट्रोल के फैसले का सीधा जवाब है। चीन इन दुर्लभ पृथ्वी में दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है

दोनों नेताओं की मुलाकात पर सवाल

इस फैसले से दक्षिण कोरिया में ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नियोजित मुलाकात पर भी सवालिया निशान लग गया। टैरिफ के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी चेतावनी दी कि वाशिंगटन 1 नवंबर से किसी भी और सभी महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर एक्सपोर्ट कंट्रोल भी लागू करेगा।

चीन ने दिया नियमों का हवाला

चीन ने अपने कदमों का बचाव करते हुए कहा कि दुर्लभ पृथ्वी से जुड़े ये उपाय कानूनी और जरूरी हैं। कॉमर्स मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने कहा कि चीन यह दोहराना चाहता है कि दुर्लभ पृथ्वी और संबंधित वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण उपाय चीनी सरकार द्वारा कानूनों और नियमों के अनुसार अपनी निर्यात नियंत्रण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए की गई वैध कार्रवाई हैं।

रेयर अर्थ में चीन का दबदबा

रेयर अर्थ यानी दुर्लभ पृथ्वी ऐसे तत्व होते हैं जो आधुनिक तकनीक जैसे कि स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक कार और सैन्य उपकरणों में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। चीन इन तत्वों का सबसे बड़ा उत्पादक होने के कारण दुनिया भर में इसका दबदबा रखता है। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और चीन द्वारा निर्यात नियंत्रण, दोनों ही देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाते हैं। यह देखना बाकी है कि यह व्यापार युद्ध आगे किस दिशा में जाएगा और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।

अमेरिका को गर्त में धकेल रहे ट्रंप!

ट्रंप लगातार टैरिफ बढ़ाकर अमेरिका को गर्त में धकेल रहे हैं। अमेरिका के कई आर्थिक विशेषज्ञ ट्रंप के इस फैसले पर सवाल उठा चुके हैं। दरअसल, ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका में चीजें काफी महंगी हो गई हैं। इसका असर अमेरिकी लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उन्हें अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे सकता है।

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