उच्च हिमालयी घाटियों के ग्रामीण दीपावली बाद घाटियों में लौटेंगे

Updated on 25-10-2022 05:15 PM

पिथौरागढ़
विगत छह माह तक गुलजार रहने के बाद चीन सीमा से लगे उच्च हिमालयी चार घाटियों के ग्रामीण दीपावली के बाद निचली घाटियों की तरफ आने लगेंगे। इसी के साथ उच्च हिमालयी गांवों में फिर से वीरानी छा जा जाएगी । आने वाले दिनों में यह क्षेत्र मोटी बर्फ की चादर ओढ़ लेगा।

उच्च हिमालयी गांवों में सदियों से ग्रामीण साल में दो बार अलग-अलग स्थानों पर निवास करते हैं। अप्रैल से अक्टूबर तक उच्च हिमालय में तो नवंबर से अप्रैल तक निचले इलाकों में व्यतीत करते हैं। वर्तमान में धारचूला की दो घाटियों व्यास और दारमा में अब माइग्रेशन करना सरल हो चुका है। दोनों घाटियां मोटर मार्ग से जुड़ चुकी हैं।

मुनस्यारी की जोहार घाटी में भी लगभग आधा मार्ग मोटर मार्ग से जुड़ चुका है। परंतु रालम घाटी अभी भी मोटर मार्ग से वंचित है। वर्तमान में माइग्रेशन में सबसे अधिक परेशानी रालम घाटी के ग्रामीणों को झेलनी पड़ती है। रालम घाटी में मात्र एक गांव रालम है। रालम के ग्रामीण ग्रीष्म काल रालम ग्लेशियर क्षेत्र में स्थित अपने गांव और शीतकाल पातों गांव में रहते हैं।

फसल समेटते ही होता है माइग्रेशन
माइग्रेशन करने वाले ग्रामीण फसल समेटते ही माइग्रेशन करते हैं। उच्च हिमालय की मुख्य फसलें पलथी फांफर, मूली, मटर, आलू, राजमा , सरसों और जड़ी बूटियां होती हैं।

कुटी, सीपू, मिलम, रालम के ग्रामीण करते हैं सबसे पहले माइग्रेशन
चीन सीमा पर स्थित सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित व्यास घाटी के कुटी, दारमा घाटी के सीपू, जोहार घाटी के मिलम गांव और रालम के ग्रामीण सबसे पहले माइग्रेशन करते हैं। आदि कैलास क्षेत्र में स्थित कुटी गांव में बीते दिनों हिमपात हो चुका है। कभी भी गांव में फिर से भारी बर्फबारी हो सकती है। सीपू गांव दारमा घाटी का चीन सीमा पर स्थित अंतिम गांव है। सीपू के ग्रामीण भी माइग्रेशन करने लगे हैं।

धारचूला तहसील के व्यास घाटी के गांव
1. कुटी, रोंगकोंग, नाबी, नपलच्यु, गुंजी, गब्र्यांग और बूंदी। सभी गांवों के ग्रामीण धारचूला में रहते हैं।
2. सीपू, तिदांग, ढाकर , गो, मार्छा , दांतू , दुग्तू, नागलिंग, बालिंग, सेला, चल ,विदांग। दारमा के ग्रामीण जौलजीबी से गोठी तक रहते हैं।
3. मिलम , पांछू, गनघर ,मर्तोली, बुर्फू , खैलांच, टोला, ल्वां, लास्पा, रिलकोट, बुर्फू , मापांग। सभी ग्रामीण मुनस्यारी , मदकोट सहित आसपास निवास करते हैं। रालम के ग्रामीण पांतो में रहते हैं।

सीपू और कुटी के ग्रामीण माइग्रेशन करने लगे हैं
दारमा , व्यास के ग्रामीण वाहनों से धारचूला , जौलजीबी पहुंचेंगे। कुछ ग्रामीण जानवरों के साथ आएंगे। जिनके घाटियों तक पहुंचने में लगभग एक पखवाडे का समय लगेगा। सीपू के ग्रामीण माइग्रेशन कर चुके हैं। ग्रामीणों को नौ किमी पैदल चल कर तिदांग मोटर मार्ग तक पहुंचना पड़ा था।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
भास्कर रिपोर्टर प्रमोद साहू ने साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के साथ बातचीत की। इस दौरान एक्सपर्ट ने कहा कि बच्चों के हाथ में फोन और उसमें ऑनलाइन गेम अब…
 19 September 2026
मुंबई के पवई स्थित IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे नाम के स्टूडेंट की शुक्रवार शाम मौत हो गई। मुंबई पुलिस के मुताबिक, साहिल ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से…
 19 September 2026
नई दिल्ली: रिश्वत की शिकायत मिली, CBI ने तुरंत FIR दर्ज की और कुछ ही घंटों में जाल बिछा दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस तेजी पर सवाल उठाते हुए…
 19 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया कि आरोपी के खिलाफ दोष की वैधानिक धारणा का मतलब यह नहीं है…
 19 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर…
 19 September 2026
अनिल बलूनी: नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS सम्मेलन के पहले ही दिन जब ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन’ की घोषणा हुई, तो वह केवल एक औपचारिक कूटनीतिक वक्तव्य नहीं था,…
 18 September 2026
बैंगलुरू: इंडियन एयरफोर्स को आज (शुक्रवार) दो LCA मार्क-1 ट्रेनर एयरक्राफ्ट और तीन बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट HTT40 की डिलीवरी हो जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ये कार्यक्रम…
 18 September 2026
नई दिल्ली: पूर्व IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने से 7 लोगों की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू किया है, जिसके जरिए वे मोटी कमाई…
Advt.