विक्टोरिया गौरी ने ली जज की शपथ, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माना भाजपा से कनेक्शन वाला तर्क

Updated on 07-02-2023 05:34 PM
नई दिल्ली: जजों की नियुक्ति पर सरकार और सुप्रीम कोर्ट में तनातनी के बीच गरमाया विक्टोरिया गौरी का मामला सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गया है। एडवोकेट एलसी विक्टोरिया गौरी को मद्रास हाई कोर्ट का जज नियुक्त करने पर कुछ वकील SC पहुंच गए थे। उन्हें शपथ लेने से रोकने की मांग की गई। हालांकि आज सुबह विक्टोरिया ने हाई कोर्ट के जज के रूप में शपथ ले ली। मद्रास हाई कोर्ट का सर्कुलर पहले ही जारी हो चुका था। विक्टोरिया को जज बनाने से रोकने के मामले में भाजपा कनेक्शन भी सामने आया था। जी हां, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में भाजपा से उनके जुड़ाव और मुस्लिम-ईसाई समुदाय के खिलाफ दिए गए बयानों का जिक्र किया गया था। मद्रास हाई कोर्ट के तीन वकीलों ने याचिका दाखिल की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को नहीं माना।
भाजपा से क्या कनेक्शन
याचिकाकर्ताओं ने एक अपुष्ट अकाउंट से 2019 में किए गए ट्वीट का जिक्र किया था। इसके मुताबिक विक्टोरिया भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महासचिव रही हैं। यही नहीं, विरोध का आधार विक्टोरिया के दो कथित इंटरव्यू भी थे जिनमें उन्होंने मुसलमानों और ईसाई समुदाय के खिलाफ टिप्पणियां की थी। इससे पहले केंद्र सरकार ने गौरी समेत 13 नाम हाई कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति के लिए क्लियर किए थे।

कौन हैं विक्टोरिया गौरी

अब तक एडवोकेट गौरी मदुरै बेंच में अडिशनल सॉलिसिटर जनरल के तौर पर केंद्र सरकार का पक्ष रखती आ रही थीं। मद्रास हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के कुछ वकीलों ने चीफ जस्टिस को लिखकर उनका विरोध किया था। वकीलों ने आरोप लगाया कि मुस्लिम और क्रिश्चियन कम्युनिटी के खिलाफ एडवोकेट ने कई आपत्तिजनक बयान दिए हैं।

पहली बार नहीं ऐसा
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद किसी जज की नियुक्ति को चुनौती दी गई। 30 साल पहले ऐसा मामला आया था जिसमें हाई कोर्ट जज की नियुक्ति के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था। तब ऐडवोकेट केएन श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगा था और जज के तौर पर नियुक्ति का विरोध हुआ था। ऐडवोकेट एलसी विक्टोरिया गौरी की नियुक्ति को चुनौती देते हुए अर्जी में ऐडवोकेट ने 1992 वाले केस का हवाला दिया है।

1992 में कुमार पद्म प्रसाद बनाम केंद्र मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति के आदेश के बाद नियुक्ति रद्द कर दी थी। केएन श्रीवास्तव को गुवाहाटी हाई कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति का आदेश हुआ था। उन पर करप्शन का आरोप लगा। कहा गया कि ऐडवोकेट के तौर पर उन्होंने प्रैक्टिस नहीं की और न ही वह जुडिशियल अफसर रहे हैं। आरोप था कि वह हाई कोर्ट जज के लिए अनुच्छेद-217 के तहत पात्रता नहीं रखते हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
भास्कर रिपोर्टर प्रमोद साहू ने साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के साथ बातचीत की। इस दौरान एक्सपर्ट ने कहा कि बच्चों के हाथ में फोन और उसमें ऑनलाइन गेम अब…
 19 September 2026
मुंबई के पवई स्थित IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे नाम के स्टूडेंट की शुक्रवार शाम मौत हो गई। मुंबई पुलिस के मुताबिक, साहिल ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से…
 19 September 2026
नई दिल्ली: रिश्वत की शिकायत मिली, CBI ने तुरंत FIR दर्ज की और कुछ ही घंटों में जाल बिछा दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस तेजी पर सवाल उठाते हुए…
 19 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया कि आरोपी के खिलाफ दोष की वैधानिक धारणा का मतलब यह नहीं है…
 19 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर…
 19 September 2026
अनिल बलूनी: नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS सम्मेलन के पहले ही दिन जब ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन’ की घोषणा हुई, तो वह केवल एक औपचारिक कूटनीतिक वक्तव्य नहीं था,…
 18 September 2026
बैंगलुरू: इंडियन एयरफोर्स को आज (शुक्रवार) दो LCA मार्क-1 ट्रेनर एयरक्राफ्ट और तीन बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट HTT40 की डिलीवरी हो जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ये कार्यक्रम…
 18 September 2026
नई दिल्ली: पूर्व IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने से 7 लोगों की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू किया है, जिसके जरिए वे मोटी कमाई…
Advt.