अमेरिकी सेना में चीन को रोकने की क्षमता नहीं, तुरंत 200 नए B-21 बॉम्बर बनाने की मांग, रिपोर्ट

Updated on 16-02-2026 12:27 PM
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयर फोर्स को अपनी ताकत बढ़ाने की जरूरत है। अमेरिका को 200 नए B-21 बॉम्बर को एयर फोर्स में शामिल करने पर काम करना होगा। इसकी सबसे अहम वजह चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला करना है। अमेरिकी एयर फोर्स को सपोर्ट करने वाले एक थिंक टैंक ने कहा है कि चीन के साथ भविष्य की किसी लड़ाई को जीतने के लिए यूएस बॉम्बर फोर्स की मौजूदा ताकत नाकाफी है। खासतौर से स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स की कमी को पूरा करने के लिए एयर फोर्स को 200 नए B-21 बॉम्बर की जरूरत है।

मिशेल इंस्टीट्यूट फॉर एयरोस्पेस स्टडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ताइवान या किसी दूसरे क्षेत्रीय सहयोगी को लेकर अमेरिका और चीन के बीच युद्ध छिड़ता है तो चीन के अंदरूनी इलाकों पर हमला करने के लिए बड़ी बॉम्बर फोर्स की जरूरत है। मौजूदा समय में अमेरिकी मिलिट्री के पास चीनी सीमा के अंदर हमले करने और चीनी आर्मी (पीएलए) को रोकने के लिए कोल्ड वॉर के बाद के लड़ाकू विमानों की ताकत नहीं है।
चीनी आर्मी को नहीं रोक पाएंगे
मिशेल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी एयर फोर्स चीन के अंदर ऑपरेशनल पनाहगाहों से पीएलए को लंबी दूरी के हवाई और मिसाइल हमले करने से रोकने की अपनी क्षमता खो रही है। यह कमी चीन के हमले को रोकने और युद्ध जीतने की यूएस मिलिट्री की क्षमता को कम कर रही है।रिपोर्ट में कहा गया है कि पेंटागन की मौजूदा युद्ध रणनीति पीएलए को ताइवान पर कब्जा करने से रोकने तक सीमित है। हालांकि इससे ज्यादा एक संतुलित युद्ध रणनीति में हवाई हमले शामिल होने चाहिए जो हवा, जमीन और समुद्र में मुख्य भूमि से लंबी दूरी तक हाई-डेंसिटी थ्रेट गढ़ बनाने की चीन की क्षमता को रोके।

मजबूती से हमला ही बेहतर बचाव

रिपोर्ट में कहा गया है, 'एक मजबूत हमला सबसे अच्छा बचाव है। युद्ध जीतने वाले अमेरिकी अभियान में चीन के मिलिट्री लीडरशिप, कमांड कंट्रोल और लंबी दूरी की लड़ाकू ताकतों के खिलाफ स्ट्रेटेजिक हमले शामिल होने चाहिए। यह अब पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सेना की असरदार तरीके से काम करने की क्षमता के लिए खतरा हैं।"

अमेरिकी मिलिट्री फोर्स फिलहाल चीनी मिसाइल और एयर फोर्स के लिए अंदरूनी इलाकों में पनाह देने से रोक नहीं कर पा रही हैं क्योंकि दशकों से फोर्स में कटौती हो रही है। इस वजह से एयर फोर्स के लंबी दूरी के स्टेल्थ बॉम्बर्स के फ्लीट कम हो गए हैं। ऐसे में एयर फोर्स को जल्दी ही 200 B-21 बॉम्बर बनाकर फिर से बनाना होगा ताकि चीन को रोका जा सके।

F-47 का भी बढ़ाया जाए प्रोडक्शन

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के साथ लड़ाई में ऑपरेशनल फायदा उठाने के लिए बड़ी संख्या में B-21 जरूरी हैं। इसके अलावा 300 नए छठी पीढ़ी के F-47 जेट बनाने पर भी रिपोर्ट में जोर दिया गया है। F-47 और B-21 मिलकर चीन में किसी टारगेट पर हमला कर सकेंगे और पीएलए की मिसाइल क्षमताओं को खत्म किया जा सकेगा।


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