स्विगी, जोमैटो, जेप्टो, ब्लिंकिट को लेकर उदय कोटक ने दी चेतावनी, ये कंपनियां क्यों बन सकती हैं राजनीतिक मुद्दा?
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17-11-2024 12:43 PM
नई दिल्ली: इन दिनों क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। 10 से 15 मिनट से लगभग हर जरूरत का सामान घर पर डिलीवर करने वाली इन कंपनियों को लेकर अब चर्चाएं भी शुरू होने लगी हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक ने इन क्विक कॉमर्स कंपनियों के कारण खुदरा विक्रेताओं पर पड़ रहे प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एक कार्यक्रम में उदय कोटक ने भविष्यवाणी की है कि यह एक राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। सीएनबीसी टीवी18 के एक कार्यक्रम में बोलते हुए कोटक ने कई अन्य देशों के विपरीत भारत में क्विक कॉमर्स की सफलता को लेकर भी बात कही।
क्या कहा उदय कोटक ने?
उदय कोटक ने इस कार्यक्रम में कहा कि क्यू-कॉम (क्विक कॉमर्स) स्थानीय खुदरा विक्रेताओं के लिए एक चुनौती है। यह एक ऐसी चुनौती है जो राजनीतिक मोर्चे पर आएगी। उन्होंने किराना और फूड डिलीवर करने वाली कंपनी स्विगी की लिस्टिंग के ठीक बाद यह बात कही। स्विगी का आईपीओ 13 नवंबर को 17% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था।
क्या है क्विक कॉमर्स?
क्विक कॉमर्स का मतलब 10-30 मिनट में खाने-पीने और दूसरी जरूरी चीजों की कस्टमर के घर या ऑफिस डिलीवर करना है। ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स भारत में शीर्ष क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म में से हैं। डेटाम इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार साल 2030 तक क्विक कॉमर्स मार्केट का साइज 40 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 2024 में 6.1 बिलियन डॉलर से अधिक है।
क्विक कॉमर्स की सफलता को लेकर कही यह बात
उदय कोटक ने भारत में क्विक कॉमर्स की सफलता को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का एक अनूठा देश है, जहां क्विक सर्विस रिटेल सफल रहा है। वहीं दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहां यह मॉडल उतना प्रभावी नहीं रहा है।
ऐपल और मेटा जैसे ब्रांड बनाने पर दिया जोर
उदय कोटक ने भारतीय इनोवेशन के सकारात्मक प्रभाव को स्वीकार किया। साथ ही उन्होंने भारतीय व्यवसायों को ऐपल, मेटा और यूनिलीवर जैसे मजबूत कंज्यूमर ब्रांड विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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