
पिछले साल 17 सितंबर को नामीबिया से कूनो लाए गए 8 चीतों में से 2 को शनिवार को बड़े बाडे से खुले जंगल में छोड़ दिया है। इन चीतों ने बाडे से बाहर निकलते ही तेज रफ्तार में भागना शुरू कर दिया। इन्हें भागता देख कूनों के अधिकारियों ने खुशी जाहिर की है।
पीसीसीएफ जेएस चौहान ने फोन पर जानकारी दी है कि नर चीता ओवान और मादा चीता आशा को शनिवार को अलग-अलग समय पर बड़े-बाड़े से बाहर कूनों के खुले जंगल में रिलीज किया है। यह सफलता पूर्वक रहा है। दोनों चीतों को बाड़े की जाली के पास से छोड़ा गया है। इन पर सीसीटीवी, ड्रोन कैमरा के अलावा वन विभाग की टीम लगातार निगरानी रखेगी। इनकी गतिविधि देखने के बाद अन्य चीतों को अलग-अलग तारीख को छोड़ने का फैसला लिया जाएगा। चीतों को अब कूनों घूमने के लिए जाने वाले पर्यटक भी देख सकेंगे।
18 मार्च को पूरा हो जाएगा 12 चीतों का क्वारैंटाइन समय
पिछले 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को आगामी 18 मार्च को एक महीना पूरा हो जाएगा। इसके बाद इन्हें क्वारैंटाइन बाड़ों से बड़े बाड़े में रिलीज किया जाएगा, इसलिए अब बहुत जल्दी चरणबद्ध तरीके से नामीबिया से लाए गए दूसरे 6 चीतों को जल्द ही खुले जंगल में रिलीज करने की तैयारी है।
खुले जंगल में सुरक्षा व्यवस्था रहेगी अहम चुनौती
चीतों को कूनों के खुले जंगल में छोड़ी जाने के बाद कूनो प्रशासन के लिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था अहम चुनौती रहेगी। इसके लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरा के अलावा, सुरक्षाकर्मी, डॉग स्कॉट टीम सहित अन्य इंतजाम कर लिए हैं। सुरक्षा को लेकर कूनो का अमला विशेष चौकन्ना है।
चीते की बढ़ाई जाएगी विशेष निगरानी
चीतों की सुरक्षा के लिए वैसे तो कूनो के पूरे जंगल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, लेकिन विशेष सुरक्षा उस इलाके में बढ़ाई जाएगी जिस दिशा में यह चीते जाएंगे। कूनो चीतों के लिए नया घर है, लेकिन यहां तेंदुआ की संख्या 250 के करीब है। तेंदुआ कूनों के जंगल के हर इलाके में आसानी से मिल जाते हैं। इस वजह से चीतों से टकराव होने की संभावना भी बनी रहेगी और यह उनके लिए बड़ा खतरा भी है।