
जबलपुर में शास्त्री ब्रिज, तीन पत्ती, दमोह नाका और कटंगा सहित 20 से अधिक चौराहों में ट्रैफिक नियमों को कंट्रोल करने के लिए कैमरे लगाए हुए है। यहां से ट्रैफिक नियमों का पालन ना करने वालों को देखकर उनके खिलाफ ई-चालान किया जाता है। जबलपुर ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे 14 हजार लोगों की सूची तैयार की है जो ट्रैफिक रुल्स का उल्लंघन करते पकड़े गए और उन्होंने ई-चालान भी नहीं जमा किए ऐसे में अब ट्रैफिक पुलिस इनके ड्राईविंग लायसेंस रद्द करवाने की तैयारी कर रही है।
दरअसल जबलपुर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए स्मार्ट सिटी का आईटीएमएस यानी इंटीग्रेटेड ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है जिसके जरिए शहर के 21 चुनिंदा जगहों पर आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। ट्रैफिक नियमों का पालन ना करने वाले लोग इन कैमरों में लगातार ट्रैप भी होते हैं। ऐसे लोगों के पतों पर लगातार चालान भेजे जाते हैं लेकिन 14 हजार लोग ऐसे हैं जिन्होंने ई-चालान भरने के जहमत भी नहीं उठाई, 3 या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर ई-चालान ना भरने वालों के ड्राईविंग लायसेंस अब रद्द करने की कार्यवाई की जा रही है।
लापरवाह वाहन चालकों से जुर्माना ना वसूल पाने को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों का अलग ही तर्क है, उनका कहना है कि नाम-पता गलत होने के कारण चालान संबंधितो तक नहीं पहुंच पाता है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेनडे ने बताया कि चालान वाहन चालकों के घर भेजने पर पता चलता है कि उनका यह पता गलत है, वहीं कई वाहन चालक ऐसे होते हैं जो कि किराए के मकान में रहते हैं, वही कुछ ऐसे है जिनके घर ई चालान जब भेजा जाता है तो पता चलता है कि वाहन मालिक किराए के मकान में रहता था अब खाली कर दिया है। वहीं कई वाहन मालिकों के मोबाइल नंबर बदल दिए जाने से भी ई- चालान उनके घर तक पहुंचाने में समस्या आ रही है, लिहाजा अब ऐसे लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस ही निरस्त करने की तैयारी की जा रही है।
जबलपुर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए जनवरी 2019 में करीब 16 करोड़ रुपए की लागत से आईटीएमएस शुरू किया गया था। अभी तक 4 लाख वाहन चालकों को भेजें गए है जिसमें कि करीब 1 लाख 30 हजार लोगों ने ई-चालान भरा है, शासन को अभी तक आईटीएमएस से 4 करोड़ रुपए बतौर जुर्माना वसूल किया है। वही अब 14 हजार ऐसे वाहन चालकों को चिन्हित किया है जिन्होंने कि 3 से अधिक बार ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन किया है, इसलिए अब इनके लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी विभाग के द्वारा की जा रही है।