
अगर मुंबई इंडियंस आकर हार्दिक पंड्या, रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलना स्वीकार करते हैं तो न सिर्फ उनकी ब्रांड वैल्यू को बड़ा धक्का लगेगा बल्कि करियर में भी काफी पिछड़ जाएंगे रोहित-सूर्या-बुमराह जैसे बड़े स्टार्स के बीच में उन्हें उतना लाइम लाइट नहीं मिलेगा, जितना बतौर कप्तान गुजरात में मिलता है। बीसीसीआई को हार्दिक में भविष्य का फुल टाइम कप्तान भी दिखता है, ऐसे में अपनी कप्तानी गंवाकर वह श्रेयस अय्यर, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, रुतुराज गायकवाड़ जैसे प्रतिद्वंद्वियों से भी पिछड़ जाएंगे।
दो सफल सीजन के बावजूद गुजरात और हार्दिक का एक-दूसरे से मोह भंग क्यों हो गया, हर कोई इसके बारे में जानना चाहता है। हार्दिक पंड्या-आशीष नेहरा के बीच कोच-कप्तान वाली बढ़िया बॉन्डिंग हो चुकी थी। दोनों एक-दूसरे के गेम को कॉम्प्लिमेंट करते थे। फ्रैंचाइजी ने हार्दिक को फ्री हैंड दे रखा था। टीम मैनेजमेंट में कोई बाहरी हस्तक्षेप भी नहीं था। ये टीम का अच्छा माहौल ही था कि डेब्यू सीजन में ही चैंपियन और अगले साल फाइनलिस्ट रही। ऐसे में अपने सफल कप्तान को रीलिज कर देने की बात समझ से परे है। अगर इसके पीछे सिर्फ पैसा और ब्रॉड एंडोर्समेंट (जैसा रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है) ही वजह है तो हार्दिक अपने करियर की सबसे बड़ी भूल कर रहे हैं।