गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(PM Modi) ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को लेकर अपनी मंशा जाहिर कर दी है। इसी के अनुरुप केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीते जनवरी में ही नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को अप्रूव कर दिया है। अब इसी को लेकर गुजरात सरकार पूरी तैयारी के साथ अपने एक्शन प्लान (Action Plan) पर काम रही है। खबर आई है कि अगले दो महीनों के भीतर ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर गुजरात सरकार अपनी पहली ड्राफ्ट पॉलिसी को जारी कर सकती है।
आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर बनेगी पॉलिसी
गुजरात सरकार के ऊर्जा विभाग में पदस्थ एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी को अंतिम रूप देते समय हर चीज का ध्यान रखा जाएगा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा अन्य संबंधित मंत्रालयों के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। साथ ही इस क्षेत्र से संबंधित सभी आवश्यकताओं को भी केन्द्र में रखा जाएगा।
ड्रॉफ्ट पॉलिसी तैयार कर रहा है GUVNL
गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड GUVNL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया “GUVNL, ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के विकास को बढ़ावा देने और अन्य सुविधा प्रदान करने के लिए ड्रॉफ्ट पॉलिसी तैयार करने पर काम कर रहा है। हमने 16-24 मई 2023 तक इस सेक्टर के स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक की है जो काफी सफल रही है” ।गुजरात की औद्योगिक आवश्यकताओं को कैसे बदलेगा ग्रीन हाइड्रोजन?
गुजरात के ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाली GUVNLएजेंसी के वरिष्ठ अभियंता ने बताया कि रिफाइनरिज़ और फर्टीलाइज़र्स फैक्ट्रीज में 98% से अधिक हाइड्रोजन का इस्तेमाल किया जाता है। चूंकि गुजरात में इन दोनों सेक्टर से संबंधित उद्योग अधिक हैं इस वजह से यहां ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन होने से इन उद्योगों की हाइड्रोजन की मांग को पूरा किया जा सकता है। इससे पर्यावरण को बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।