इस साल बिक जाएगा यह सरकारी बैंक, RBI ने शॉर्ट लिस्ट किए गए बिडर्स, सरकार कर रही जांच-परख
Updated on
27-07-2024 01:20 PM
नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में रणनीतिक तौर पर सरकारी हिस्सेदारी बेचकर पैसा जुटाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही अहम यह भी है कि ये कंपनियां शेयरधारकों के लिए वेल्थ क्रिएट करें। डिसइनवेस्टमेंट से लेकर स्ट्रैटेजिक सेल तक, अब तमाम चीजों को पब्लिक असेट मैनेजमेंट के एक बड़े दायरे में देखा जा रहा है IDBI बैंक में सरकारी हिस्सेदारी बेचने के मामले में आरबीआई शॉर्ट लिस्ट किए गए बिडर्स की जांच-परख कर रहा है और इस साल यह बिक्री पूरी हो जाने की उम्मीद है, जिसके बाद बैंक प्राइवेट हाथों में चला जाएगा। आम बजट के बाद NBT को दिए गए विशेष साक्षात्कार में डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सेक्रेटरी तुहिन कांत पांडेय ने ये बातें कहीं।
डिसइनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी
इस बार के बजट में सरकार ने अलग से डिसइनवेस्टमेंट टारगेट नहीं रखा। इसे असेट मॉनेटाइजेशन के साथ मिलाकर अन्य प्राप्तियों के मद में डाल दिया गया है और कुल 50000 करोड़ रुपये का अनुमान दिया गया। क्या कुछ खास वजहों से विनिवेश शब्द से पोज किया जा रहा है, इस सवाल के जवाब में कहा. 'अगर हम केवल संसाधन जुटाने की नजर से सरकारी कंपनियों को देखेंगे तो इस बात से ध्यान हट सकता है कि उनके लिए क्या अच्छा हो सकता है। संसाधन जुटाने में भी कुछ समय पहले तक केवल डिसइनवेस्टमेंट पर ध्यान होता था, डिविडेंड पर उतना फोकस नहीं था। डिविडेंड भी पैसे जुटाने का महत्वपूर्ण जरिया है, लेकिन यह तभी ज्यादा मिलेगा, जब कंपनी में हिस्सेदारी रहेगी और कंपनी की हालत अच्छी होगी।
उन्होंने कहा कि नई सोच यह बनी कि बड़े दायरे वाली रणनीति होनी चाहिए, जिसमें पब्लिक सेक्टर की कंपनियों की परफॉर्मेंस बेहतर करने पर जोर हो। इस स्ट्रैटेजी का फोकस शेयरधारकों के लिए वेल्थ क्रिएट करने पर है। विनिवेश इस पब्लिक असेट मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी का एक हिस्सा है। जल्दबाजी में यह नहीं होना चाहिए, इसलिए हमने इसका टारगेट रखने से परहेज किया।' वित्त वर्ष 2024 में पब्लिक सेक्टर कंपनियों से सरकार को 63 हजार करोड़ रुपये का डिविडेड मिला था। वित्त वर्ष 2025 के लिए 56000 करोड़ रुपये का टारगेट रखा गया है।
1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप
अगले 5 वर्षों में टॉप 500 कंपनियों में करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप कराने की बजट में की गई घोषणा के बारे में पांडेय ने कहा, 'इसे अमल में लाने की विस्तृत रणनीति बनाई जा रही है। इंटर्नशिप कराने में इन कंपनियों के साथ इनकी सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियां भी शामिल होंगी। इसकी डिटेल्स तैयार की जा रही हैं प्राइवेट सेक्टर के साथ पब्लिक सेक्टर की दिग्गज कंपनियां भी इसमें बड़ा योगदान करेंगी।
IDBI स्ट्रैटेजिक सेल
IDBI बैंक में सरकारी हिस्सेदारी बेचने के बारे में पांडेय ने बताया, 'रिजर्व बैंक शॉर्ट लिस्ट किए गए बिडर्स की फिट एंड प्रॉपर के पैमानों पर जांच-परख कर रहा है। अगले महीने यह काम हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद बिडर्स को वर्चुअल डेटा रूम में IDBI बैंक की एक्सक्लूसिव जानकारियां दी जाएगी ताकि ये ड्यू डिलिजेंस कर सकें। यह स्ट्रैटेजिक सेल इस वित्त वर्ष में पूरी हो जाने की उम्मीद है। IDBI बैंक में सरकार की करीब 45% और LIC की लगभग 49% हिस्सेदारी है। पांडेय ने कहा कि इस साल NTPC ग्रीन की लिस्टिंग की भी तैयारी है।
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