
पासपाेर्ट बनवाने के एक नाबालिग के आवेदन को पासपोर्ट सेवा केंद्र ने स्वीकार करने से मना कर दिया। इसकी वजह थी कि पासपोर्ट बनवाने के लिए जो नाबालिग की मां द्वारा जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे उसके अनुसार महिला और उसके बेटे के बीच उम्र का अंतर केवल 10 साल का था। कानूनी रूप से इस दस्तावेज को स्वीकार नहीं किया जा सकता था, जिसके चलते आवेदन खारिज कर दिया गया।
इधर, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शीतांशु चौरसिया ने बताया कि पासपोर्ट अदालत के पहले दिन 160 आवेदकों को टाइम स्लॉट देकर बुलाया गया था जिसमें से केवल 40 आवेदकों ने पहुंचकर अपने दस्तावेज और सफाई पेश की। जिसमें से 30 से अधिक पासपोर्ट आवेदन पर विचार करते हुए दोबारा पुलिस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। 10 फाइल को क्लोज कर दिया गया। पासपोर्ट अदालत को 3 मार्च तक बढ़ाया गया है, ताकि आवेदकों को पक्ष रखने के लिए ज्यादा वक्त मिल सके।
दोष मुक्त होने के दस्तावेज दिए तो पूरी हुई पासपोर्ट की प्रक्रिया
पासपोर्ट अदालत में पहुंचे एक आवेदक के ऊपर केस दर्ज था। उन्होंने पासपोर्ट आवेदन में अपने कोर्ट केस की जानकारी नहीं दी थी। पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ और उनकी एडवर्स रिपोर्ट आई। इसके बाद आवेदक ने कोर्ट से दोष मुक्त होने के दस्तावेज प्रस्तुत किए जिसके बाद अधिकारियों द्वारा इनके पासपोर्ट की प्रक्रिया पूरी की गई।
सही दस्तावेज पेश किए तब पासपोर्ट ग्रांट किया गया
आवेदन खारिज होने के बाद महिला ने अपनी जन्म तिथि संबंधी सही दस्तावेज प्रस्तुत किया। मां-और बेटे की उम्र का सही अंतर सामने आने के बाद आवेदन को स्वीकार कर नाबालिग का पासपोर्ट ग्रांट किया गया। बता दें कि िकसी भी नाबालिग का पासपोर्ट बनवाने के लिए उसकी मां के उम्र संबंधी दस्तावेज सहित अन्य दस्तावेज लगाने जरूरी होते हैं।
गलत थी जन्मतिथि, सुधार कर जारी किया पासपोर्ट
सागर से आई आवेदिका ने पासपोर्ट आवेदन में ईसीएनआर संबंधी दस्तावेज नहीं लगाए थे। अधिकारियों को शक हुआ तो उनसे दस्तावेज मांगे। आवेदिका ने अपने शैक्षिक दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिसमें जन्मतिथि आवेदन में दी गई जन्मतिथि से अलग थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने पर उनके पासपोर्ट आवेदन में जन्मतिथि में सुधार किया गया और पासपोर्ट जारी किया गया ।