ईरान से युद्ध अमेरिका को पड़ रहा भारी: पहले 100 घंटों में ही स्वाहा हुए 34,000 करोड़ रुपये, टेंशन में ट्रंप

Updated on 07-03-2026 12:24 PM
वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ जंग छेड़ना अमेरिका को भारी पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिका को ईरानी जवाबी हमलों में न सिर्फ मिलिट्री उपकरणों का नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि सैन्य कार्रवाई में भारी-भरकम रकम भी खर्च करनी पड़ी है। अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (CSIS) की नई रिसर्च के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में पहले 100 घंटों में लगभग 3.7 बिलियन डॉलर (3,40,02,05,65,000 रुपये) खर्च हुए है। इसमें से ज्यादातर खर्च पहले बजट में शामिल नहीं था।

अमेरिका को हर दिन 891.4 मिलियन डॉलर का खर्च


CSIS के रिसर्चर्स मार्क कैनसियन और क्रिस पार्क के एनालिसिस में अनुमान लगाया गया है कि ईरान के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका को हर दिन लगभग $891.4 मिलियन का खर्च आया है। इमें से ज्यादातर खर्च बड़ी मात्रा में हथियारों के इस्तेमाल और स्टेल्थ बॉम्बर्स जैसे एडवांस्ड सिस्टम्स की तैनाती की वजह से हुआ है। अमेरिका ने इन बॉम्बर्स के जरिए ईरान में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं, जिससे ईरानी अंडरग्राउंड मिसाइल फैसिलिटी को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, ईरान के जवाबी हमलों को रोकने में भी अमेरिका को भारी-भरकम खर्च करना पड़ा है।

शुरुआती दौर में भारी खर्च


रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने युद्ध के पहले 100 घंटों में 2000 से ज्यादा भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। इन हथियारों को एक जैसे बेसिस पर फिर से भरने में लगभग 3.1 बिलियन डॉलर का खर्च आने का अनुमान है। अगर इसमें देरी की जाती है तो हर दिन लगभग 758.1 मिलियन डॉलर का बिल बढ़ेगा। रिसर्चर्स ने कहा कि उनका कैलकुलेशन US मिलिट्री यूनिट्स के ऑपरेटिंग और सपोर्ट कॉस्ट के लिए कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) के अनुमानों पर निर्भर था। उन्होंने "हाई ऑपरेशनल टेम्पो" के हिसाब से लगभग 10 परसेंट एक्स्ट्रा कॉस्ट भी जोड़ी।

मुश्किल में फंसा ट्रंप प्रशासन


रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध के शुरूआती घंटों में खर्च हुए 3.7 बिलियन डॉलर में से लगभग 3.5 बिलियन डॉलर की राशि पहले से बजट में शामिल नहीं थी। इसका मतलब है कि पेंटागन को जल्द ही कांग्रेस से अतिरिक्त फंड मांगने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन क लिए इन पैसों की व्यवस्था करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि विपक्षी डेमोक्रेट्स इस युद्ध का विरोध कर रहे हैं।

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