ग्‍वाटेमाला में मिला रहस्‍यमय माया सभ्‍यता का अनोखा संसार, 2000 साल पुराने शहरों को देख फटी रह गई आंखें

Updated on 16-01-2023 07:02 PM
ग्‍वाटेमाला शहर: दुनिया की सबसे रहस्‍यमय सभ्‍यताओं में से एक माया सभ्‍यता कैसे खत्‍म हो गई, इस सीक्रेट का व्‍यापक शोध के बाद भी अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। अब लैटिन अमेरिकी देश ग्‍वाटेमाला में माया सभ्‍यता से जुड़े एक बड़े रहस्‍य का खुलासा हुआ है। अब तक माना जाता रहा था कि माया सभ्‍यता के लोग दूर-दूर बसते थे। अब ग्‍वाटेमाला के वर्षावनों में 2000 साल पुराने शहर, कस्‍बे और गांवों की बड़ी खोज हुई है। इससे पता चलता है कि माया सभ्‍यता के लोग ये बहुत ही घनी आबादी में और संगठित समाज में रहते थे।
पुरातत्‍वविदों ने करीब 1000 प्राचीन माया सभ्‍यता की बस्तियों के महत्‍वपूर्ण अवशेषों का पता लगाया है। इन बस्तियों के अवशेष वर्षावनों के नीचे छिपे हुए थे। शोधकर्ताओं ने 650 वर्ग मील के इलाके में 964 पुरास्‍थलों का पता लगाया है। ये बस्तियां मिराडोर-कालकमुल क्रास्‍ट नदी घाटी इलाके में पाए गए हैं। यह पूरा इलाका मेक्सिको से सटा हुआ है। इनमें से कम से कम 417 स्‍थल तो 2000 साल पुराने हैं जब माया सभ्‍यता अपने चरम पर थी। इसमें शहरों, गांवों और कस्‍बों की पहचान हुई है।

पिरामिड, नहरें और खेल के ग्राउंड भी मिले


इन पुरावशेषों की खोज के लिए वैज्ञानिकों ने एक खास तकनीक LiDAR का इस्‍तेमाल किया। इसमें लेजर किरणों की मदद से नाप की जाती है। इस सर्वे में कई असाधारण रास्‍तों की भी खोज हुई है जो 100 मील तक फैले हुए थे और विभिन्‍न बस्तियों को जोड़ते थे। इन बस्तियों में स्‍मारक, पानी को जमा करने की सुविधा, उत्‍सव के लिए इमारत, पिरामिड, रहने के लिए ढांचे, नहरें आदि सभी कुछ इन बस्तियों में पाए गए हैं। यही नहीं शोधकर्ताओं को कम से कम 30 खेल के ग्राउंड भी मिले हैं।
इससे पता चलता है कि माया सभ्‍यता के लोग किसी तरह का खेल भी खेलते थे। इससे पहले के शोध में पता चला था कि माया सभ्‍यता के लोग दूर-दूर रहते हैं लेकिन इस ताजा खुलासे ने माया सभ्‍यता को लेकर पुरानी मान्‍यताओं को बदल दिया है। इस शोध को इदाहो स्‍टेट यूनिवर्सिटी के पुरातत्‍वविद रिचर्ड डी हानसेन के नेतृत्‍व में पुरातत्‍वविदों ने किया है जो जर्नल एंशिएंट मेसोअमेरिका में प्रकाशित हुआ है। शोध दल ने कहा कि उन्‍हें असाधारण आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक ताकत के साक्ष्‍य मिले हैं। इन बस्तियों को बसाने में हजारों की तादाद में मजदूरों और विशेषज्ञों का इस्‍तेमाल किया गया था जो यह बताता है कि उन्‍हें नियंत्रित करने के लिए कोई राजनीतिक ताकत मौजूद थी।

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