
धार में शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 2 लोग जिंदा जल गए। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गणपति घाट फोरलेन पर एक ट्रॉला अनियंत्रित होकर डिवाइडर से दूसरी तरफ आ गया। दूसरी लेन से आ रहे 2 ट्रकों से टकरा गया। जिससे तीनों में आग लग गई। आसपास के लोगों ने फंसे लोगों का रेस्क्यू किया। धामनोद पुलिस दमकल के साथ मौके पर पहुंचकर आग बुझाई।
महेश्वर सहित मांडू से आए फायर वाहन
धामनोद थाना प्रभारी राजुकमार यादव का कहना है कि ट्रॉला घाट से नीचे उतर रहा था। वहां ढलान अधिक होने के कारण अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करके दूसरी लेन में पहुंच गया। इस दौरान दूसरी लेन पर चल रहे 2 ट्रक भी ट्रॉले से टकरा गए। जिस ट्रॉले आरजे-42 जीए-1903 से हादसा हुआ, उसमें 3 लोग सवार थे। उसका ड्राइवर और परिचालक बुरी तरह जल गए। आग बुझाने के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। दोनों के शव को अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस शवों की पहचान को लेकर प्रयास कर रही है।एक व्यक्ति ट्रॉले के डिवाइडर पर चढ़ते ही कूद गया था। आग बुझाने के लिए मांडू, महेश्वर, धरमपुरी और धामनोद से दमकल बुलानी पड़ी।
क्रेन से हटाए जा रहे वाहन
हादसे के बाद घाट पर चढ़ने वाली लेन को बंद कर दिया गया है। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। हादसे की चपेट में आए वाहनों को क्रेनों से हटाया जा रहा है। ASP देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि ट्रॉला में मार्बल भरा हुआ था। दूसरी ओर के एक कंटेनर में मारुति की गाड़ियां थीं तो दूसरे में कंटेनर में दवाइयों के कार्टून भरे थे। दोनों मृतक राजस्थान के निवासी हैं, हादसे के बाद वाहन के मालिक को सूचना दी गई है।
ब्रेक फेल होने से बिगड़ा संतुलन
ट्रॉले में सवार जिंदा बचे युवक लक्ष्मी नंदावत ने बताया कि ब्रेक फेल हो गया था। स्टेयरिंग इधर-उधर करने में गाड़ी डिवाइडर पार कर गई। उधर से 2 गाड़ियां आ रही थीं। गाड़ी संभल नहीं पाई, इसलिए दोनों में भिड़ंत हो गई। गाड़ी में आग लग गई। दोनों अंदर ही रह गए। मैं बीच में बैठा था, लेकिन मैं बाहर निकल आया। ड्राइवर का पैर फंस गया था और क्लीनर का सिर फंस गया था। मैंने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन मैं उन्हें बचा नहीं सका।
गणेश घाट में 15 साल में 400 की मौत
आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 पर धार जिले में बाकानेर घाट (गणेश घाट) पर आए दिन हादसे होते हैं। करीब 15 साल पहले बने इस घाट और फोरलेन के निर्माण के समय कई खामियां रह गई। यहां दुर्घटनाओं का बड़ा कारण मानपुर से गुजरी तरफ आने में अत्यधिक ढलान है। शनिवार सुबह भी यहां दुर्घटना में दो लोग जिंदा जल गए।
मानपुर-खलघाट हाईवे 500 करोड़ रुपए से बना है। 2006 में इसका निर्माण शुरू हुआ था। यह 2008 में बनकर तैयार हुआ। अब तक घाट क्षेत्र में 3350 हादसों में करीब 400 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं।