पिघल रही है पहाड़ों की बर्फ, तुरंत कदम उठाए दुनिया... भारत-चीन समेत 8 देशों ने एक साथ की मांग

Updated on 29-09-2023 01:02 PM
काठमांडू: इस साल हिमखंडों के व्यापक नुकसान के विनाशकारी वैश्विक प्रभाव के बारे में चेतावनी देते हुए पर्यावरण विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने हिमनदों को बचाने के लिए जलवायु कार्रवाई में तत्काल तेजी लाने का आह्वान किया है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) और नेपाल के वन और पर्यावरण मंत्रालय द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन में 'हिंदुकुश हिमालय क्षेत्र' के आठ देशों के मंत्रियों, राजनयिकों, वरिष्ठ नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों ने भाग लिया।

हिंदुकुश-हिमालय (एचकेएच) क्षेत्र में आठ देश शामिल हैं जिनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, म्यांमा, नेपाल और पाकिस्तान शामिल हैं। 'इंटरनेशनल क्रायोस्फीयर क्लाइमेट इनिशिएटिव' के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार जेम्स किर्खम ने कहा, ''अगर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो दुनिया भर में पर्वतीय हिमनदों की क्षति निश्चित है।''

आईसीआईएमओडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आईसीआईएमओडी के महानिदेशक पेमा ग्याम्त्शो ने कहा, ''हमें अब पृथ्वी को ऐसी स्थिति की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कार्रवाई करनी होगी जिसके आगे वह जीवन को कायम नहीं रख सकती। दो अरब लोग अपने भोजन और जल सुरक्षा के लिए इन पर्वतों में मौजूद पानी पर निर्भर हैं।'' किर्खम ने कहा, ''इसके परिणामस्वरूप और आर्कटिक तथा अंटार्कटिक में बर्फ के पिघलने के विनाशकारी नुकसान से दुनिया को चिंतित होना चाहिए।''

हिमनदों के पिघलने से 2050 तक ढाका, कराची, शंघाई और मुंबई के बड़े हिस्से समेत कई क्षेत्रों के डूबने का खतरा है। किर्खम ने कहा, ''यह उस जलवायु प्रणाली को अस्थिर कर देगा जिसने पृथ्वी को सहस्राब्दियों तक जीवन योग्य बनाए रखा है और यदि उत्सर्जन में वर्तमान वृद्धि जारी रही तो इसके परिणामस्वरूप ढाका, मुंबई, कराची और शंघाई के बड़े हिस्से डूब जाएंगे।

उन्होंने कहा कि 2050 तक समुद्र के स्तर में वृद्धि के परिणामस्वरूप सिर्फ बांग्लादेश में 1.8 करोड़ शरणार्थी हो जाएंगे। वैज्ञानिकों ने हिंदुकुश हिमालयी क्षेत्र के बर्फीले स्थानों का अध्ययन करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, जिसके पिघलने से भूस्खलन सहित बड़ी आपदाओं का खतरा है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.