सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौता और चीन की परमाणु दुविधा... शहबाज-MBS ने कैसे बैठे-बिठाए ड्रैगन को दी टेंशन

Updated on 04-10-2025 08:49 PM
बीजिंग: सऊदी अरब और पाकिस्तान ने अहम रक्षा समझौता किया है। इस समझौते के तहत दोनों देशों में एक पर हमले को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौते को व्यापक सऊदी अरब के रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि वह अमेरिका से पारंपरिक सुरक्षा गारंटी के विकल्प की तलाश में है। हालांकि यह चीन के लिए समझौता दुविधा पैदा करता है। चीन के पाकिस्तान और सऊदी के साथ मजबूत संबंध हैं। इसमें रियाद के साथ उसके असैन्य परमाणु कार्यक्रम पर दीर्घकालिक सहयोग शामिल है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन स्थित मध्य पूर्व संस्थान के एक गैर-निवासी वरिष्ठ फेलो जॉन कैलाब्रेसे कहते हैं, 'सऊदी अरब ने बढ़ती बेचैनी में पाकिस्तान से समझौता किया है। यह चीन को अपने परमाणु विकास को आगे बढ़ाने का मौका दे सकता है। असैन्य परमाणु परियोजनाओं और यूरेनियम अन्वेषण पर सऊदी अरब के साथ चीन का ऐतिहासिक सहयोग गहन जुड़ाव का एक संभावित मार्ग प्रदान करता है।'

सऊदी-चीन के संबंध

साल 2020 में सऊदी अरब ने उस रिपोर्ट का खंडन किया, जिसमें कहा गया था कि उसकी चीन में यूरेनियम के उत्पादन की एक परियोजना में शामिल है। हालांकि रियाद ने यूरेनियम अन्वेषण के कुछ क्षेत्रों में चीन के साथ काम करने के लिए सहमत होने की बात कही। 2023 में सामने आया कि सऊदी अरब परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने के लिए चीन की बोली पर विचार कर रहा था।
चीन और सऊदी ने दोनों पक्षों ने यूरेनियम और थोरियम संसाधनों पर व्यापक सहयोग पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही साल 2017 में समुद्री जल से यूरेनियम निकालने के लिए संयुक्त परियोजनाएं भी स्थापित की हैं। इस वर्ष अप्रैल में दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा सुरक्षा पर एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

चीन की अरब जगत पर नजर

हार्वर्ड केनेडी स्कूल में परमाणु प्रबंधन परियोजना की विजिटिंग फेलो राबिया अख्तर का कहना है कि बीजिंग के लिए सऊदी अरब से परमाणु पर आगे बढ़ने में मुश्किल होगा। चीन को परमाणु अप्रसारक के रूप में चिह्नित किए जाने से कोई खास लाभ नहीं है। उसे प्रतिबंधों को लागू किए बिना प्रभाव बढ़ाने वाला एक विश्वसनीय नागरिक भागीदार बनकर अधिक लाभ होगा।

पश्चिम एशिया में अपने प्रभाव का विस्तार करने की बीजिंग की महत्वाकांक्षा स्पष्ट है। हालांकि उसने शांति मध्यस्थ की भूमिका निभाकर खुद को वॉशिंगटन से अलग दिखाने की कोशिश की है। इसी साल मार्च म चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पश्चिमी प्रतिबंधों की निंदा करते हुए परमाणु अप्रसार के प्रति चीन की प्रतिबद्धता पर जोर दिया था।

क्या है चीन की कशमकश

शंघाई इंटरनेशनल स्टडीज यूनिवर्सिटी के मध्य पूर्व विशेषज्ञ वेन शाओबियाओ ने कहा, 'पश्चिम एशिया के सुरक्षा परिदृश्य में प्रवेश करने के लिए चीन का दृष्टिकोण खुद को तनाव के स्रोत के बजाय स्थिरता लाने वाले के रूप में प्रस्तुत करना है। मेरा मानना है कि बीजिंग क्षेत्रीय परमाणु हथियारों की दौड़ को तेज करने में कोई भूमिका नहीं निभाएगा।'

चीन और पाकिस्तान के घनिष्ठ सैन्य संबंधों ने अटकलों को हवा दी है कि यह समझौता बीजिंग और रियाद के लिए परमाणु हथियारों पर सहयोग का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। वॉशिंगटन स्थित कंसल्टेंसी रिहला रिसर्च एंड एडवाइजरी के निदेशक जेसी मार्क्स कहते हैं, 'ऐसा होने की संभावना नहीं है। बीजिंग-पाकिस्तान तंत्र सऊदी परमाणुकरण की आधारशिला बन जाता है तो बीजिंग को भारत और ईरान सहित अपने ही एससीओ सदस्यों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।'

मार्क्स का कहना है कि इससे चीन की व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आलोचना हो सकती है। इससे बीजिंग की वैश्विक सुरक्षा पहल और उसकी व्यापक वैश्विक शासन महत्वाकांक्षाओं के इर्द-गिर्द नेतृत्व की कोशिश कमजोर होगी। यह रियाद और तेहरान के बीच शांति मध्यस्थ के रूप में चीन की भूमिका को खतरे में डालेगी। बीजिंग को सऊदी के साथ अपने परमाणु सहयोग पर रेड लाइन खींचनी चाहिए। सऊदी-ईरान परमाणु हथियारों की होड़ चीन नहीं चाहेगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 September 2026
बर्न: स्विटजरलैंड की राजधानी बर्न में गर्मियों के दौरान आरे नदी के किनारे अनोखा नजारा देखने को मिलता है। ऑफिस में काम करने वाले लोग, छात्र और स्थानीय निवासी नदी…
 14 September 2026
अंटार्कटिका: साल 1957 में अंटार्कटिका के पास दूर-दराज स्थित करगुएलेन द्वीप पर सिर्फ एक नर और एक मादा मौफ्लॉन यानि जंगली भेड़ों को छोड़ा गया था। जीव विज्ञान के स्थापित…
 14 September 2026
ढाका: बांग्लादेश ने शायद तय कर लिया है कि उसे भारत के बजाए पाकिस्तान से अच्छे संबंध बनाने हैं। रविवार को बांग्लादेश के राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने दोनों…
 14 September 2026
इस्लामाबाद: हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में सऊदी अरब को धोखा देने के बाद पाकिस्तान अब रियाद के साथ रिश्तों को संभालने की कोशिश में लग गया है। पाकिस्तान के…
 14 September 2026
बर्न: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने अरबपति फाइनेंसर कैमरन ओ'रेली से शादी कर ली है। शादी एक हफ्ते पहले हुई है। गोल्डस्मिथ 52…
 08 September 2026
इस्लामाबाद: आतंकवादी गतिविधियों में उम्र कैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक की पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने पति की रिहाई की गुहार लगाई है। मुशाल हुसैन…
 08 September 2026
तेल अवीव/नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना जोधपुर एयरफील्ड में इस महीने 9 से 22 सितंबर तक कई देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करने वाली है। इसमें शामिल होने के लिए जापान…
 08 September 2026
तेल अवीव: इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले से जानकारी थी। नेफ्ताली…
 08 September 2026
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में विवाद के पास मशहूर एफिल टावर को फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। एफिल टावर को बंद करने का फैसला कर्मचारियों…
Advt.