नई दिल्ली: सरफराज खान एक ऐसा नाम है जिसके इर्द-गिर्द पिछले कुछ महीनों में काफी चर्चा हुई है। मुंबई से आने वाले सरफराज का बल्ला डोमेस्टिक क्रिकेट में जमकर बोलता है। खासकर उन्होंने रेड बॉल क्रिकेट में रनों का अंबार लगाया है। उनकी एवरेज इतनी जबरदस्त है कि उनको भारत का ब्रैडमैन भी कहा जाता है। हाल ही में जब बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए सरफराज से ऊपर सूर्यकुमार यादव को चुना गया था तो काफी बवाल मचा था। क्रिकेट एक्सपर्ट्स से लेकर पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने चयनकर्ताओं के इस फैसले की आलोचना की थी। इस बात में कोई दोहराय नहीं है कि रेड बॉल क्रिकेट के खेल में सरफराज का कोई तोड़ नहीं है। घरेलू क्रिकेट के उनके आकड़ें इस बात के गवाह हैं। लेकिन क्या खान व्हाइट बॉल क्रिकेट यानी वनडे और टी20 में भी इतने ही प्रभावशाली हैं? इसका सीधा सा उत्तर है नहीं।टी20 में लगातार हो रहे हैं फ्लॉप
सरफराज को अब तक आईपीएल में जितने मौके मिले हैं उन्होंने सिर्फ निराश किया है, और बीते मंगलवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ तो इस खिलाड़ी ने ऐसी बल्लेबाजी की है कि अब फैंस इनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं। दरअसल, 4 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच आईपीएल 2023 का सातवां मुकाबला खेला गया।
जब इस मैच में सरफराज खान की फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स को इनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी वहउस अहम मौके पर बुरी तरह फेल हो गए। उन्होंने टी20 क्रिकेट में टेस्ट वाली पारी खेली जिसके चलते दिल्ली 6 विकेट से यह मैच हार गया। सरफराज ने टी20 जैसे तूफानी फॉर्मेट में महज 88.24 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने 34 गेंद में 2 चौकों की मदद से 30 रन बनाए। उनकी यह कछुआ पारी ने दिल्ली की लुटिया डुबो दी। बहरहाल, खान की इस निराशाजनक पारी के बाद ऐसा भी मुमकिन हो सकता है कि दिल्ली उन्हें अगले मैच में प्लेइंग 11 से ड्रॉप कर दे।