जितने का व्यंजन, उतना ही कंटेनर चार्ज, खरीदने वाली का छलका दर्द तो जोमैटो ने ऐसे मरहम लगाया

Updated on 08-08-2023 02:08 PM
खुशबू ठक्कर ने पिछले सप्ताह फूड डिलीवरी प्लेटफार्म जोमैटो (Zomato) पर थेपला आर्डर किया। उसके आर्डर की डिलीवरी हुई तो बिल देखकर वह बिल्कुल हैरान रह गई। दरअसल, उन्होंने जितने में एक थेपला खरीदा था, उतने पैसे तो उसे पैक करने के लिए कंटेनर चार्ज के रूप में ले लिए गए। इसके बाद उनका दर्द सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर छलका।

क्या किया था आर्डर

खुशबू ठक्कर ने जोमैटो पर थेपला का आर्डर किया। इस पर एक थेपला की कीमत 60 रुपये बताई गई। उन्होंने तीन थेपला के लिए आर्डर किया। तीन थेपले को पैक करने के लिए जो कंटेनर लिया गया, उसकी कीमत 60 रुपये चार्ज की गई। इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर एक स्क्रीनशॉट साझा किया। उन्होंने "अत्यधिक और अनुचित" कंटेनर चार्ज पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कंपनी से स्पष्टीकरण की मांग की। खुशबू ने ट्वीट किया - "कंटेनर चार्ज उस आइटम की कीमत के बराबर है, जिसे मैंने ऑर्डर किया है। कंटेनर चार्ज के लिए ₹ 60। सच में?"

जोमैटो ने क्या कहा

खुशबू ठक्कर के ट्वीट के जवाब में जोमैटो ने स्पष्ट किया कि कंटेनर चार्ज रेस्टोरेंट द्वारा लगाया जाता है। हालांकि कंपनी ने इसमें जीएसटी को भी जोड़ दिया। जोमैटो ने कहा कि टैक्स यूनिवर्सल है और भोजन के प्रकार के आधार पर 5% से 18% तक भिन्न हो सकते हैं। पैकेजिंग शुल्क उनके रेस्टोरेंट पार्टनर द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, जो इस अभ्यास को लागू करते हैं और इससे लाभ कमाते हैं। जोमैटो ने कहा कि इस बारे में आगे स्पष्टीकरण चाजिए तो वह एक निजी संदेश के माध्यम से ऐसा कर सकती हैं।

यूजर्स ने लिए मजे

इस ग्राहक ने तर्क दिया था कि ग्राहकों को बिना अतिरिक्त लागत के कंटेनर उपलब्ध कराना रेस्टोरेंट की जिम्मेदारी होनी चाहिए। इस पर कुछ यूजर्स खुशबू से सहमत थे। उन्होंने इस तरह के शुल्क लगाने के लिए रेस्टोरेंट की आलोचना की। जबकि अन्य का मानना ​​था कि उन्हें अपना ऑर्डर देने से पहले पैकेजिंग शुल्क की जांच करनी चाहिए थी। एक यूजर्स ने कहा “यह निर्भर करता है कि इसे पहले घोषित किया गया था या बाद में जोड़ा गया था। अगर यह पहले जैसा है तो शिकायत नहीं कर सकते।''

हम मुफ्त की चीजों के आदी?

एक यूजर ने तो भारतीय ग्राहकों की मानसिकता पर भी सवाल कर दिया। उन्होंने लिखा “ईमानदारी से कहें तो यह भारतीय ग्राहकों की मानसिकता को दर्शाता है। यहां एक ऐसा बाजार तैयार हो गया है जहां भारतीय ग्राहक मुफ्त डिलीवरी आदि की उम्मीद करते हैं और डिलीवरी चार्ज, टैक्स आदि जैसे वैध खर्चों के लिए भुगतान करने को तैयार नहीं हैं। हम मुफ्त की चीजों के आदी हो गए हैं। ”

इससे पहले जोमैटो ने फूड डिलीवरी किया महंगा

इससे पहले जोमैटो (Zomato) ने खाना मंगाना महंगा कर दिया है। खबर आई है कि स्विगी (Swiggy) के बाद अब इस कंपनी ने भी प्रत्येक ऑर्डर पर दो रुपये प्लेटफॉर्म फीस वसूलना शुरू कर दिया है। हालांकि यह अतिरिक्त फीस अभी चुनिंदा यूजर्स से ही वसूली जा रही है। जोमैटो के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) को इससे दूर रखा गया है।

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