
भोपाल । मध्य प्रदेश में द केरल स्टोरी फिल्म को टैक्स से छूट जारी रहेगी। प्रदेश सरकार ने फिल्म को प्रदर्शन अवधि छह मई से पांच जून 2023 तक राज्य माल और सेवा कर (सीजीएसटी) से छूट दी है। सिनेमाघर संचालकों को छूट के बराबर की राशि की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी।
वाणिज्यिक कर आयुक्त लोकेश कुमार जाटव ने स्पष्ट किया है कि छह मई को जारी आदेश यथावत है। टैक्स की छूट यथावत रहेगी। दरअसल, संशय की स्थिति विभाग के उस कथित आदेश से बनी, जिसमें छह मई के आदेश को निरस्त करने की बात कही गई।
बुधवार को वाणिज्यिक कर विभाग का एक आदेश इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें द करेल स्टोरी फिल्म को टैक्स से दी गई छूट संबंधी आदेश को निरस्त करने की बात कही गई। इसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने ट्वीट किया कि यह निर्णय सामाजिक हित में है। मैंने इसको लेकर सार्वजनिक आपत्ति भी की थी।
वहीं, विभागीय अधिकारियों ने इस आदेश को लेकर तो चुप्पी साध ली है पर देर शाम यह स्पष्ट जरूर किया कि जो छूट दी गई थी, वह यथावत है। उसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है। कमिश्नर शहडोल, कलेक्टर इंदौर और रायसेन का कहना है कि उन्हें टैक्स में छूट समाप्त करने का आदेश नहीं मिला।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छह मई को प्रदेश में द केरल स्टोरी फिल्म को टैक्स से छूट दिए जाने की घोषणा करते हुए कहा था कि यह फिल्म लव जिहाद, मतांतरण और आतंकवाद के षड्यंत्र को उजागर करती है। क्षणिक भावुकता में जो बेटियां लव जिहाद के जाल में उलझ जाती हैं, उनकी कैसे बर्बादी होती है, यह फिल्म बताती है। यह फिल्म हमें जागरूक करती है। इसे पालकों, बच्चों और बेटियों को भी देखना चाहिए, इसलिए इसे टैक्स से छूट देने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश के बाद कुछ और राज्यों ने फिल्म को टैक्स से छूट देने का निर्णय लिया।