
महाशिवरात्रि पर्व पर भिंड जिले में भगवान शिव की भक्ति में श्रद्धालु लीन है। कोसों दूर से गंगाजल लेकर आए कावड़िए देर रात तक से शिवालयों पर पहुंचे। सबसे पहले शिवालयों पर कांवड़ियों ने गंगा जल से भगवान शिव का अभिषेक किया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट को खोला गया। जिले के हर छोटे-बड़े शिव मंदिर पर श्रद्धा और आस्था का मेला लगा हुआ है। यह कतार में खड़े होकर श्रद्धालु घंटों इंतजार कर रहे हैं। भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हुए गंगाजल से अभिषेक कर रहे हैं।
महाशिवरात्रि पर भिंड के प्रमुख मंदिरों में वनखंडेश्वर महादेव मंदिर महाकालेश्वर मंदिर त्रयंबकेश्वर मंदिर कुंडेश्वर महादेव मंदिर अर्जेंट ईश्वर महादेव मंदिर अर्धनारीश्वर महादेव मंदिर के अलावा लहार कस्बे के प्रसिद्ध वन खंडेश्वर महादेव मंदिर अटेर क्षेत्र के प्रसिद्ध बोरेश्वर महादेव मंदिर, उमरी क्षेत्र की उमरेश्वर महादेव मंदिर, नारदेश्व महादेव मंदिर मेले का आयोजन किया जा रहा है। इन मंदिरों पर श्रृंगीरामपुर से कावड़िए गंगाजल लेकर देर रात तक आ चुकी है। इन मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक किया। पूजा अर्चना करते हुए कई स्थानों पर शिव विवाह का भी आयोजन कराया जाता है।
पुलिस व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त
भिंड के वानखंडेश्वर महादेव मंदिर महाकालेश्वर मंदिर त्रंबकेश्वर मंदिर समेत अन्य छोटे-बड़े मंदिरों पर पुलिस व्यवस्था चुस्त दुरूस्त रखी गई है। शिवालयों के आसपास वेरीगेट से लगाकर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया गया है। शिवालय में पहुंचने वाले हर श्रद्धालुओं को बहुत कम समय भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिए दिया जा रहा है। वनखंडेश्वर महादेव मंदिर समेत दूसरे शिवालयों पर आसपास का एरिया छोटे-बड़े वाहनों के लिए प्रतिबंधित किया गया है। शिवालयों पर महिला पुरुषों की कतारें अलग-अलग बनाई गई हैं।
चारों प्रहर होगी पूजा
वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी ने बताया कि भगवान शिव की पूजा अर्चना में पूरा शहर लीन है। भिंड शहर में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ वनखंडेश्वर महादेव मंदिर पर होती है। यहां पर देर रात से कांवरियों के द्वारा पूजा अर्चना करते हुए गंगाजल से अभिषेक किया। सुबह 5:00 बजे भगवान शिव का मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा महाआरती कर आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शनों के लिए शिवालय को खोला गया। सबसे पहले महा आरती रात्रि 8:00 बजे 12:00 और 3:00 बजे की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की लिए दर्शनों के लिए प्रशासन द्वारा व्यवस्था के प्रबंध पुख्ता किए गए हैं।